अयोध्या, 19 मार्च 2026:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुछ ही देर में अयोध्या पहुंच जाएंगीं। उनका विमान सुबह 10:15 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरेगा। सीएम योगी उनकी अगवानी करेंगे। यहां से वह सड़क मार्ग से मंदिर पहुंचेंगी। रामलला के दर्शन व आरती के बाद राष्ट्रपति राम मंदिर के दूसरे तल पर राम यंत्र की स्थापना करेंगी। इसके साथ ही रामनाम मंदिर की भी स्थापना का कार्यक्रम तय है। इसके बाद वह राम परिवार की मध्याह्न आरती में शामिल होंगी।
नववर्ष प्रतिपदा व चैत्र नवरात्रि के पहले दिन हो रहे इस कार्यक्रम में मंदिर परिसर के परकोटे में बने अन्नपूर्णा, दुर्गा और सप्तर्षि मंदिरों में भी दर्शन का कार्यक्रम है। इसके बाद राष्ट्रपति नवसंवत्सर समारोह में शामिल होंगी, जहां कर्मयोगियों को सम्मानित किया जाएगा। उनका संबोधन दोपहर करीब 1:05 बजे प्रस्तावित है।

एयरपोर्ट से राम मंदिर तक करीब 15 किलोमीटर के मार्ग को भव्य तरीके से सजाया गया है। रामपथ पर 20 जगहों पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं, जहां 250 से ज्यादा कलाकार लोकनृत्य, भजन और रामायण आधारित प्रस्तुतियां देंगे। ढोल-नगाड़े, शंखनाद, वेदपाठ और झांकियों के जरिए पूरे रास्ते को उत्सव जैसा माहौल दिया गया है। शहर में जगह-जगह स्वागत द्वार और भगवा झंडे लगाए गए हैं।
राम मंदिर के दूसरे तल पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से खास सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में राम राग सेवा के तहत वाद्य संकीर्तन पेश किया जाएगा, जिसमें शहनाई पर लोकेश आनंद, सितार पर सुप्रिया शाह, संतूर पर अभय रुस्तम सोपोरी और बांसुरी पर प्रवीण व्यंकटेश गोड़खिंडी प्रस्तुति देंगे।
दौरे को देखते हुए शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। कई प्रमुख मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही रोकी गई है और वैकल्पिक रास्तों से ट्रैफिक मोड़ा जा रहा है। यह व्यवस्था कार्यक्रम समाप्त होने तक लागू रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से अयोध्या को छावनी में तब्दील किया गया है। एयरपोर्ट से मंदिर तक पूरे रूट पर पुलिस और केंद्रीय बल तैनात हैं। ड्रोन और सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है।
जाने क्या है राम यंत्र
राम मंदिर में स्थापित होने वाला राम यंत्र धार्मिक मान्यता के मुताबिक विशेष महत्व रखता है। यह कांची कामकोटि पीठ के मूल राम यंत्र की प्रतिकृति है, जिसे शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती ने तैयार कराया है। करीब 150 किलो वजनी यह यंत्र मिश्रित धातु से बना है और उस पर स्वर्ण परत चढ़ी है। इसमें राम से जुड़े वैदिक और बीज मंत्र अंकित हैं। विशेष अनुष्ठानों के बाद इसे अभिमंत्रित किया गया है, जिसे मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार से जोड़ा जाता है।

इस यंत्र को दिसंबर 2024 में तिरुपति से रथयात्रा के जरिए अयोध्या लाया गया था। मंदिर के दूसरे तल पर इसकी स्थापना के साथ ही रामनाम मंदिर में देशभर की दुर्लभ रामायण पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने की तैयारी भी है।
नवसंवत्सर समारोह में सीएम योगी संग अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संत माता अमृतानंदमयी भी मौजूद रहेंगी। इसके अलावा करीब सात हजार अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें मंदिर निर्माण से जुड़े मजदूर, कारीगर, इंजीनियर, अधिकारी, दानदाता और साधु-संत शामिल हैं।






