लखनऊ, 13 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के सुप्रीमो एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तीखे तेवरों के साथ अपनी बात रखी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुसलमानों का नाम लेने से कुछ लोगों को करंट लगने लगता है। जिस दिन मुसलमानों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा, उस दिन कई लोगों की राजनीति खत्म हो जाएगी। उनके इस बयान पर सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया।
इस दौरान 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में पहुंचे और पिछड़ों-दलितों को न्याय दिलाओ जैसे पोस्टर लेकर अपनी मांगें उठाईं। आजाद ने भीड़ को संयमित रहने की सलाह देते हुए कहा कि व्यवहार से ही व्यक्तित्व की पहचान होती है।

उन्होंने बहुजन समाज को संबोधित करते हुए कहा कि महापुरुषों की केवल पूजा नहीं बल्कि उनके विचारों को पढ़ना जरूरी है। उन्होंने ज्योतिराव फुले का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ही मुक्ति का मार्ग है। साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को भी महापुरुषों की सूची में शामिल किया।
आजाद ने बताया कि 25 जनवरी से पार्टी ने 18 मंडलों में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए जिसकी शुरुआत सहारनपुर से और समापन प्रयागराज में हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस पहल से अन्य राजनीतिक दलों की नींद खुल गई और उन्होंने भी कार्यक्रम शुरू कर दिए।
उन्होंने जाति व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि जातियां इंसानों में नहीं हो सकतीं और पुराने सामाजिक ढांचे में शूद्रों को शिक्षा, संपत्ति और सम्मान से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे दबे-कुचले समाज को आवाज मिलती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आजाद समाज पार्टी में परिवारवाद की कोई जगह नहीं होगी और जो काम करेगा वही आगे बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने पर ओबीसी वर्ग की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।






