एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 9 जनवरी 2026:
सर्दी से बचने के लिए कार में ब्लोअर चलाना एक युवक की जान पर भारी पड़ गया। निगोहां में एक कार चालक बंद शीशों के बीच ब्लोअर चलाते हुए बेहोश हो गया। अगर पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती, तो शायद उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता।
मीरकनगर गांव निवासी सरवन यादव मोहनलालगंज से अपनी स्विफ्ट कार से निगोहां लौट रहे थे। ठंड ज्यादा होने की वजह से उन्होंने कार के सभी शीशे बंद कर रखे थे और ब्लोअर चला रखा था। जैसे ही उनकी कार निगोहां थाने के पास पहुंची, अचानक बीच सड़क पर रुक गई। thehohalla news
उसी वक्त गश्त पर निकले कस्बा इंचार्ज अनूप तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार के अंदर झांककर देखा तो चालक बेहोश पड़ा था और दरवाजे अंदर से बंद थे। हालात की नजाकत समझते हुए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए ईंट से शीशा तोड़ा और युवक को बाहर निकाला।

युवक की हालत नाजुक थी। पुलिस ने उसकी पहचान कर परिवार को खबर दी और परिजनों के साथ उसे निजी अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। जानकार बताते हैं कि बंद कार में लंबे वक्त तक ब्लोअर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो जाती है। यह जहरीली गैस सांस के रास्ते शरीर में घुसकर इंसान को बेहोश कर देती है। ज्यादा देर तक असर रहे तो जान भी जा सकती है।






