Lucknow City

वेतन, पेंशन व सम्मान की मांग: DM दफ्तर पर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सरकार को 7 मार्च का अल्टीमेटम

सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, मांगों पर ठोस निर्णय नहीं गया तो 8 मार्च को प्रदेश भर से लखनऊ कूच करने की चेतावनी

लखनऊ, 29 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। आगंनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में मार्च करती हुई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कलेक्ट्रेट पहुंचीं। वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी जनकल्याण एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष इंदु वर्मा और महिला आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष रामदेवी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग उठाई गई। इसके साथ ही वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, सवेतन मेडिकल अवकाश सहित सभी वैधानिक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की गई।

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पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए और कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त सभी कार्यकर्ताओं को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। उन्होंने सहायिका और मुख्य सेविका के पद पर योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर समयबद्ध पदोन्नति की मांग करते हुए आयु सीमा समाप्त करने की बात कही।

पोषण ट्रैकर पर ऑनलाइन कार्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि ऑनलाइन कार्य के लिए उच्च गुणवत्ता का 5G मोबाइल फोन खरीदने के लिए कम से कम 20 हजार रुपये तथा प्रतिमाह 500 रुपये रिचार्ज व डाटा भत्ता दिया जाए। मांगें न माने जाने की स्थिति में अप्रैल 2026 से पोषण ट्रैकर सहित सभी ऑनलाइन कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई।

इसके अलावा 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि (पीएलआई) को नियमित मानदेय में शामिल करने, किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बाजार दर पर भुगतान, सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और निजीकरण व आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने की मांग की गई। संघ ने आंगनबाड़ी कर्मियों से बीएलओ सहित अन्य विभागों के कार्य जबरन कराए जाने का भी विरोध किया।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 7 मार्च तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 8 मार्च को प्रदेश भर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ कूच करेंगी। इस दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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