
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बैंककर्मियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के बाहर फोरम से जुड़े विभिन्न संगठनों के सैकड़ों बैंक कर्मियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) को चेतावनी दी कि मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि बैंककर्मी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। इसके लिए प्रदर्शन, धरना, रैली और एक्स पर अभियान चलाने के साथ ही गत 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।
सभा में एनसीबीई के महामंत्री डीके सिंह ने सवाल उठाया कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी और नाबार्ड जैसे संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था हो सकती है तो बैंकों में इसे लागू करने में क्या दिक्कत है। राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग लागू होने पर बैंककर्मी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं।
एसके संगतानी ने दावा किया कि आईबीए बैंककर्मियों की मांग स्वीकार कर सरकार के अनुमोदन के लिए भेज चुका है लेकिन केंद्र सरकार इस पर निर्णय नहीं ले रही है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं बल्कि बैंककर्मियों का अधिकार है।

प्रदर्शन में संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वीके माथुर, अशोक अग्रवाल, कमल जी समेत विभिन्न बैंक संगठनों के नेता मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बैंककर्मी लंबे और निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं।






