
लखनऊ/नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के धरनास्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। कार्रवाई के विरोध में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोले हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे बल-प्रयोग बताते हुए सोनम वांगचुक के इलाज की न्यायिक निगरानी में कराने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक को जबरन उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि घटना की खबर कुछ ही देर में देश और दुनिया में फैल गई और लोगों में चिंता के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश है। सपा प्रमुख ने कार्रवाई में शामिल सादी वर्दी वाले लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन मानवता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा, विज्ञान और नवाचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संवाद में नहीं, विवाद की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने की कार्रवाई से देश की मानवीय और लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुंचा है। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं, अहंकार बन चुकी है। नई पीढ़ी डिजिटल एकता के माध्यम से वैचारिक बदलाव लाने में सक्षम है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन उठाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए थी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार लंबे समय तक नहीं चलता। उन्होंने दावा किया कि पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया।

अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी कार्रवाई की निंदा की और कहा कि सोनम वांगचुक का उपचार न्यायिक निगरानी में होना चाहिए। उन्होंने 19 जुलाई को जंतर-मंतर जाने का अपना प्रस्तावित कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है। वहीं, अपना दल (कमेरावादी) की नेता एवं विधायक पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की पुलिस ने लोकतंत्र का गला दबाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जनता इसका जवाब देगी।







