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सी-फूड के डिब्बों में छिपा था ‘काला कारोबार’! बैंकॉक-मस्कट रूट से लखनऊ पहुंचा 1.67 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा

लखनऊ एयरपोर्ट पर एआईयू की मुस्तैदी से तस्कर की चाल नाकाम, 1.677 किलो नशीला पदार्थ बरामद, विदेशी ड्रग्स नेटवर्क के तार खंगालने में जुटीं एजेंसियां

लखनऊ, 5 सितंबर 2026:

विदेशी रास्तों से हवाई जहाज के जरिए महंगे नशीले पदार्थों की तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूपी की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह (अमौसी) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने एक बार फिर ड्रग्स तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचे एक यात्री के सामान से करीब 1.677 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.67 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक एआईयू को पहले से सूचना मिली थी कि मस्कट से आने वाली उड़ान से एक यात्री मादक पदार्थ की खेप लेकर लखनऊ पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही जांच एजेंसी सक्रिय हो गई और शुक्रवार को फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे यात्रियों पर निगरानी शुरू कर दी गई। इसी दौरान एक संदिग्ध यात्री को रोककर उसके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई।

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तलाशी के दौरान अधिकारियों की नजर समुद्री खाद्य पदार्थ (सी-फूड) के नाम पर रखे गए टिन के डिब्बों पर पड़ी। डिब्बों को देखकर संदेह गहराया तो उनकी गहन जांच की गई। डिब्बे खोले गए उनके भीतर छिपाकर रखा गया संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ। जांच में इसकी पहचान हाइड्रोपोनिक गांजे के रूप में हुई। इसके बाद यात्री को हिरासत में लेकर नशीले पदार्थ की खेप जब्त कर ली गई।

बैंकॉक में किसने दी खेप, लखनऊ में किसे पहुंचानी थी?

एआईयू अब सिर्फ बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैंकॉक में यात्री को यह खेप किसने सौंपी थी और लखनऊ में इसे किस तक पहुंचाया जाना था। यात्री के यात्रा विवरण, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की संभावना है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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