
लखनऊ, 25 अगस्त 2026:
यूपी में नौकरी की आस लगाए बैठे सैकड़ों बेरोजगार युवाओं का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। लाइब्रेरियन और अन्य रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए युवा सीधे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के सरकारी आवास पहुंच गए। युवाओं के पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भारी फोर्स तैनात कर दी। लेकिन प्रदर्शनकारियों का सवाल साफ था कि नौकरी मांगने आए हैं, आखिर रास्ते में बैरिकेड क्यों?

विरोध और हंगामा बढ़ता देख डिप्टी सीएम बृजेश पाठक खुद घर से बाहर निकले और प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मुलाकात की। युवाओं ने उनके सामने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग रखी। इसके बाद डिप्टी सीएम ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के अध्यक्ष से बात कर युवाओं की समस्या का समाधान निकालने को कहा।
10 साल से कर रहे भर्ती का इंतजार
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से लाइब्रेरियन की भर्ती नहीं हुई है। यानी लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई और डिग्री हासिल करने वाले युवा करीब एक दशक से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगार युवाओं का आरोप है कि कई जगह बिना लाइब्रेरी साइंस की डिग्री वाले लोगों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है, जबकि संबंधित योग्यता रखने वाले युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। उनकी मांग है कि PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकाली जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को मौका मिल सके।
भर्ती के लिए युवा कई बार कर चुके हैं प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल मनीष, अमित समेत अन्य युवाओं ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार आवाज उठा चुके हैं। गत 14 मई, 2 जून और 19 जून को गोमतीनगर के पिकअप भवन स्थित UPSSSC कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया था। उनका कहना है कि वहां अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती और कर्मचारी ही उनसे बात करते हैं। युवाओं के मुताबिक अधिकारियों ने बताया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना मिल चुकी है। इसके बावजूद हर बार अगले महीने भर्ती निकालने की बात कहकर मामला आगे बढ़ा दिया जाता है।

‘भर्ती नहीं तो लाइब्रेरी साइंस का कोर्स क्यों?’
प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश में 2006 में बने लाइब्रेरी एक्ट के पालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर लाइब्रेरी साइंस की डिग्री नहीं रखने वाले लोगों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है। युवाओं का कहना है कि उन्होंने लाइब्रेरी साइंस की डिग्री लेकर अपना करियर दांव पर लगाया है। नौकरी नहीं मिलने से न केवल उनका भविष्य अधर में है, बल्कि परिवार में भी रोजगार को लेकर लगातार सवाल उठते हैं।
उनका कहना है कि अगर सरकार भर्ती ही नहीं निकालना चाहती तो युवाओं को इस क्षेत्र में पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने का क्या मतलब है? उन्होंने साफ किया कि जब तक भर्ती का रास्ता नहीं खुलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
भर्ती के नाम पर सन्नाटा, बेरोजगारों पर पहरा!
लखनऊ में लाइब्रेरियन और अन्य रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर सैकड़ों UPSSSC अभ्यर्थी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे, लेकिन छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उन्हें बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल से रोक दिया गया।
2016 से… pic.twitter.com/52y8ejySoA
— UP Congress (@INCUttarPradesh) August 25, 2026
पाठक बोले- हर स्तर पर रास्ता निकालेंगे
प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि उन्होंने छात्रों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना है। शासन से लेकर आयोग तक हर स्तर पर समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। खुद छात्र राजनीति से आने का हवाला देते हुए पाठक ने कहा कि वह युवाओं की परेशानी को अच्छी तरह समझते हैं और सरकार में उनका प्रतिनिधित्व करते हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इस बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि भर्ती की मांग लेकर डिप्टी सीएम आवास पहुंचे युवाओं को सुनने के बजाय बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल से रोक दिया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि युवाओं को रोजगार मिलेगा या बैरिकेड? भर्ती मिलेगी या सिर्फ आश्वासन?






