
लखनऊ, 24 जून 2026:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इस प्रतिष्ठित समारोह में उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी पद्म सम्मान से नवाजा गया। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सभी सम्मानित हस्तियों को बधाई देते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने अपनी प्रतिभा, तपस्या और समर्पण से प्रदेश का गौरव देश ही नहीं पूरी दुनिया में बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कला के क्षेत्र में चिरंजी लाल यादव को पद्म श्री मिलने पर विशेष खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों से कांसा नक्काशी की समृद्ध परंपरा को सहेजने, संवारने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अमूल्य है। उनकी उपलब्धि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव बढ़ाने वाली है।

मुख्यमंत्री ने प्रख्यात रंगकर्मी एवं फिल्म कलाकार डॉ. अनिल रस्तोगी को भी पद्म श्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक हजार से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों और वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से डॉ. रस्तोगी ने भारतीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके शोध कार्य, शिक्षण और रंगमंच के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।

कृषि क्षेत्र में स्वर्गीय रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि पांच दशक से अधिक समय तक कृषि सेवा में उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा दी। पारंपरिक बीजों के संरक्षण, संवर्धन, किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने तथा आत्मनिर्भर कृषि और जैव विविधता संरक्षण में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी असाधारण साधना और प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके अथक परिश्रम का राष्ट्रीय अभिनंदन है और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।






