
नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। सड़क से संसद तक जारी राजनीतिक और छात्र संग्राम के बीच राजधानी दिल्ली एक बार फिर तनाव के माहौल में है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात हिंसक झड़प हुई जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ गया।
हालात को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने गुरुवार को भी बड़ा फैसला लेते हुए 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का ऐलान किया है। पुलिस के अनुसार बुधवार शाम जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों की ओर से हुए पथराव में एसीपी जय प्रकाश घायल हो गए। देर रात बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कनॉट प्लेस की ओर बढ़ने लगे।

टॉलस्टॉय मार्ग पर पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो उस पर पत्थरों और बोतलों से हमला कर दिया गया। इस हिंसा में दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। देर रात तक जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने सेवा तीर्थ, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग समेत 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का नोटिस जारी किया है। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।

इस बीच आंदोलन का दायरा दिल्ली से निकलकर देशभर में फैल गया है। बुधवार को पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और मुंबई समेत कई शहरों में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। लगातार बढ़ते विरोध और सुरक्षा चुनौतियों के बीच राजधानी में स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है जबकि पूरे देश में इस आंदोलन ने सियासी और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है।






