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दिल्ली PG हादसे में मौतों का आंकड़ा 7 पहुंचा, 5 MCD अफसर सस्पेंड, राजस्थान से दबोचा गया फरार बिल्डिंग मालिक

दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास पांच मंजिला PG भरभराकर गिरा, दूसरे दिन भी मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका, एक ही कमरे में रहने वाले B.Com के दो छात्रों की भी मौत, जिम्मेदारों पर गिरी गाज

न्यूज डेस्क, 7 सितंबर 2026:

देश की राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन मार्केट के पास रविवार को पांच मंजिला हॉस्टल डेज (PG) बिल्डिंग के धराशायी होने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हादसे में मलबे में दबकर जान गंवाने वाले छात्रों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। आशंका है कि मलबे में अभी भी कुछ छात्र फंसे हो सकते हैं। ऐसे में राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने लापरवाही के आरोपों में एमसीडी के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। कार्रवाई की जद में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं।

एक कमरे में साथ रहते थे अभिषेक और युवराज

इस हादसे में मोती लाल नेहरू कॉलेज के बीकॉम द्वितीय वर्ष के दो छात्रों की भी मौत हुई है। मृतकों की पहचान सोनभद्र के अभिषेक और छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी युवराज सोनी के रूप में हुई है। दोनों छात्र इसी हॉस्टल की टॉप फ्लोर पर एक ही कमरे में रहते थे। हादसे ने छात्रों और उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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फरार मालिक राजस्थान से गिरफ्तार

उधर, पुलिस ने फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस की टीम उसे दिल्ली लेकर आ रही है। गुरुग्राम निवासी बंसल सेक्टर-23 में हरी पेंट्स एंड हार्डवेयर नाम से दुकान चलाता है। हादसे के बाद रविवार शाम से उसकी दुकान पर ताला लगा हुआ था। दिल्ली पुलिस की टीम वहां भी पहुंची थी।

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1970 के दशक की थी इमारत, कभी नहीं मिला नोटिस!

एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार ने मीडिया को बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बगल की इमारत भी कमजोर हो गई थी जिसे रातभर में मजबूत किया गया है। अगले एक-दो दिनों में उसे योजनाबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। 1970 के दशक में बनी इमारत को कभी कोई नोटिस नहीं दिए जाने और न ही इसे सील किए जाने के सवाल पर एमसीडी कमिश्नर ने कहा कि इमारत के संबंध में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अब सात मौतों के बाद पांच अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने राजधानी में बिल्डिंग सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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