लखनऊ, 16 मार्च 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, गंदगी और लापरवाही देखकर डिप्टी सीएम नाराज हो गए और जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर और वार्डों में सफाई व्यवस्था की स्थिति देखी। जनरल वार्ड में बेड पर चादर नहीं मिली और आसपास गंदगी दिखाई दी। इस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक जिम्मेदार अधिकारी घर नहीं जाएंगे।

डिप्टी सीएम मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर पहुंचे और मरीजों के बीच कतार में खड़े होकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे जहां मरीजों की लंबी कतार देखकर उन्होंने टेक्नीशियन से एक मरीज का रक्त नमूना लेने में लगने वाले समय के बारे में पूछा और जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा मिलने पर उन्होंने तत्काल सफाई कराने को कहा। साथ ही अलमारी खोलकर दवाओं और उपकरणों का स्टॉक भी जांचा। ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचकर डॉक्टर से मरीजों की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
जनरल वार्ड नंबर 28 में कई बेड पर चादर नहीं बिछी होने और साफ-सफाई संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई और कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शौचालयों की स्थिति भी ठीक नहीं मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

केंद्र के सभागार में आशा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं भी सुनीं। आशाओं ने मोबाइल खराब होने की शिकायत की, जिस पर डिप्टी सीएम ने सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन कर मोबाइल ठीक कराने या बदलने और बकाया भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पीने के पानी की खराब व्यवस्था और दवा काउंटर पर लंबी कतार देखकर उन्होंने अधीक्षक को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए और कहा कि मरीजों को पांच मिनट के भीतर दवा मिल जानी चाहिए।






