LPG संकट पर NSUI का अनोखा प्रदर्शन, नाले की गैस से चाय बनाकर PM मोदी के ‘फॉर्मूले’ पर कसा तंज
लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने नाले में पाइप लगाकर उसे गैस सिलेंडर से जोड़ने का किया प्रतीकात्मक प्रयोग, कहा कि पीएम के बताए फॉर्मूले को लागू करने की कोशिश की लेकिन फेल साबित हुआ
लखनऊ, 16 मार्च 2026:
रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्षी दल लगातार भाजपा सरकार को घेर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को राजधानी लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर अस्थायी चाय की दुकान लगाकर नाले की गैस से चाय बनाने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पास के नाले में पाइप लगाकर उसे गैस सिलेंडर से जोड़ने का प्रतीकात्मक प्रयोग किया और उसी से चाय बनाकर पी। एनएसयूआई के सदस्यों का कहना था कि उन्होंने प्रधानमंत्री के उस पुराने बयान से प्रेरित होकर यह प्रयोग किया जिसमें नाले से गैस बनने की बात कही गई थी।

कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने पीएम के बताए फॉर्मूले को लागू करने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी तरह फेल साबित हुआ। उनका कहना था कि पूरा नाला सूख गया, लेकिन मुश्किल से एक सिलेंडर गैस भी नहीं बन पाई और उससे बहुत कम चाय बन सकी। एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ता अखिलेश ने कहा कि देश में इस समय गैस की भारी किल्लत है और लोग इससे परेशान हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कभी साइंटिस्ट रहे हैं। इसलिए उनसे आग्रह है कि वे दूसरा फार्मूला दें जिससे ज्यादा गैस बनाई जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गैस की कीमतों और कमी का असर आम लोगों, खासकर छात्रों और मजदूरों पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि हॉस्टल और मेस में भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मजदूरों के लिए भी पेट भर खाना मुश्किल होता जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहले ₹20 में मिलने वाली पूड़ी अब ₹40 में मिल रही है। गैस महंगी होने से छोटी दुकानों और टपरियों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। कई कामगार रोजगार छूटने के कारण गांव लौटने को मजबूर हो रहे हैं।






