Ayodhya Deepotsav : दुनिया भर के रामभक्त घर बैठे अर्पित कर सकेंगे दीप, एक लाख दीप जलाएगा ‘श्री मंदिर’
सरयू के 56 घाटों पर जगमगाएंगे 30 लाख दीप, राजद्वार में श्रद्धालुओं के नाम और गोत्र से होगा दीप प्रज्ज्वलन, अखंड रामायण पाठ और पांच हजार से अधिक लोगों के लिए महाअन्नदान की भी तैयारी

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026:
रामनगरी अयोध्या के भव्य दीपोत्सव-2026 में इस बार आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस दीपोत्सव में सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि देश-विदेश में रहने वाले रामभक्त भी डिजिटल माध्यम से इस आयोजन का हिस्सा बन सकेंगे। इसके लिए डिजिटल धार्मिक प्लेटफॉर्म ‘श्री मंदिर’ ने अयोध्या के ऐतिहासिक राजद्वार में एक लाख दीप प्रज्ज्वलित कराने की पहल की है। इससे वे श्रद्धालु भी प्रभु श्रीराम के चरणों में दीप समर्पित कर सकेंगे जो किसी कारणवश अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे।
घर बैठे अपने नाम और गोत्र से करा सकेंगे दीप प्रज्ज्वलित
दीपोत्सव में ‘श्री मंदिर’ लगातार पांचवें वर्ष इस आयोजन से जुड़ रहा है। डिजिटल सहभागिता के तहत श्रद्धालु एक, पांच, 11 या 21 दीप अर्पित करने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके बाद अयोध्या के राजद्वार में मौजूद पुरोहित श्रद्धालुओं के नाम और गोत्र से विधिवत संकल्प लेकर दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराकर संबंधित श्रद्धालु के साथ डिजिटल माध्यम से साझा की जाएगी। इस तरह विदेशों में रहने वाले रामभक्त भी अयोध्या में अपने नाम से हुए दीप अर्पण के साक्षी बन सकेंगे।
दीपदान के साथ रामायण पाठ और महाअन्नदान की तैयारी
दीपोत्सव में केवल दीप प्रज्ज्वलन ही नहीं अपितु धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों को भी विशेष स्थान दिया गया है। ‘श्री मंदिर’ की ओर से अखंड रामायण पाठ, विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों की सेवा और पांच हजार से अधिक साधु-संतों, श्रद्धालुओं तथा जरूरतमंदों के लिए महाअन्नदान का आयोजन किया जाएगा। इससे दीपोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी प्रसारित होगा।
दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी अयोध्या की आस्था
‘श्री मंदिर’ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सचान ने कहा कि श्रद्धालु की आस्था और उसके आराध्य के पवित्र तीर्थस्थल के बीच भौगोलिक दूरी बाधा नहीं बननी चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस आयोजन में योगदान देना सौभाग्य की बात है। उनका उद्देश्य है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले रामभक्त का संकल्प अयोध्या तक पहुंचे और उसके नाम से विधि-विधानपूर्वक दीप प्रज्ज्वलित हो।
इस आयोजन में डिजिटल तकनीक बुजुर्गों, अस्वस्थ लोगों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था से जुड़ने का माध्यम बनेगी। सरयू के घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी के बीच दुनिया भर के रामभक्तों की यह डिजिटल भागीदारी अयोध्या दीपोत्सव को एक नया वैश्विक आयाम देगी।






