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सहारा इंडिया प्रकरण : ED ने पूर्व डिप्टी मैनेजिंग वर्कर ओपी श्रीवास्तव को मनी लॉन्ड्रिंग में किया अरेस्ट

150 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता से गिरफ्तारी, एक समय सहारा कंपनी में थी बड़ी हैसियत

लखनऊ/कोलकाता, 21 नवंबर 2025:

सहारा इंडिया से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में सहारा इंडिया के पूर्व उप प्रबंध निदेशक (डिप्टी मैनेजिंग वर्कर) ओम प्रकाश श्रीवास्तव (ओपी श्रीवास्तव) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 150 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक लखनऊ निवासी ओपी श्रीवास्तव को ईडी के कोलकाता स्थित कार्यालय में घंटों की पूछताछ के बाद जांच में सहयोग न करने के आधार पर हिरासत में लिया गया। सहारा इंडिया पर वर्षों से निवेशकों की मोटी रकम न लौटाने के आरोप थे। ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कंपनी पर 1.79 लाख करोड़ रुपये तक के भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है।

सूत्रों के अनुसार जमाकर्ताओं के करीब 750 करोड़ रुपये सहारा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खातों में पहुंचाए गए थे, जिनमें से 150 करोड़ रुपये ओपी श्रीवास्तव के पास जाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया था कि सहारा समूह की संपत्तियों को बेचकर प्रभावित निवेशकों को पैसा लौटाया जाए।

सहारा में सुब्रत राय के बाद सबसे प्रभावशाली व्यक्ति रहे ओपी श्रीवास्तव

एक समय सहारा इंडिया में सुब्रत राय के बाद सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माने जाने वाले ओपी श्रीवास्तव लंबे समय से सुर्खियों से दूर थे। सहारा छोड़ने के बाद वे एक अन्य कंपनी से जुड़ गए थे और जांच एजेंसियों की नजर से भी काफी समय तक दूर रहे।

लखनऊ के महानगर स्थित उनकी आलीशान कोठी, उनकी पत्नी का पूर्व सरकारी कैरियर और लखनऊ में पतंजलि की लॉन्चिंग में उनकी भूमिका हमेशा चर्चा में रही। सुब्रत राय के निधन के बाद से उनके और सहारा परिवार के बीच रिश्ते ठंडे पड़ गए थे। इसका असर विभिन्न कानूनी और वित्तीय मुद्दों में स्पष्ट दिख रहा था।

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