
अंशुल मौर्य
वाराणसी, 27 अगस्त 2025:
यूपी के वाराणसी जिले में पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने संयुक्त कार्रवाई में मोती झील, महमूरगंज के एक किराए के मकान में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर को सीज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग विदेश में नौकरी और बिजनेस टूर का लालच देकर 6,000 युवाओं से करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) सरवणन टी ने बताया कि मोती झील, महमूरगंज के एक किराए के मकान में
पिछले एक साल से संचालित इस कॉल सेंटर के बारे में इनपुट मिला था। इसने अब तक हजारों लोगों को निशाना बनाया। गिरोह फर्जी सिम और प्रॉक्सी बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम इकट्ठा करता था। इसके एजेंट कोलकाता, दिल्ली और मुंबई में सक्रिय थे, जो विज्ञापनों और कॉल के जरिए लोगों को जाल में फंसाते थे। यह गिरोह युवाओं को गल्फ देशों, इजराइल, ओमान, कंबोडिया और दक्षिण अफ्रीका में नौकरी का झांसा देकर प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये वसूलता था। बदले में फर्जी वीजा, जॉब ऑफर लेटर, मेडिकल सर्टिफिकेट और फ्लाइट टिकट थमाए जाते थे। जब पीड़ित हवाई अड्डे पर पहुंचते, तब उन्हें ठगी का पता चलता।
छापेमारी में पुलिस ने एक लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में राकेश यादव (बच्छांव, रोहनिया), मोहम्मद असलम (जुगुलटोला, आदमपुर), राहुल गुप्ता (शिवधामनगर, रोहनिया), अमित कुमार यादव (नचनीकुओं, आदमपुर), प्रियांशु प्रजापति (जुगुलटोला, आदमपुर) और दो युवतियां शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।






