भदोही, 15 मई 2026:
ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भदोही की एमपी-एमएलए अदालत ने संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं बहू रूपा मिश्रा को चार साल की कैद दी गई है।
यह मामला विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी की शिकायत पर दर्ज हुआ था। आरोप था कि वर्ष 2001 से भदोही स्थित पैतृक मकान पर अवैध कब्जा किया गया और उनकी माइनिंग फर्म पर भी जबरन नियंत्रण कर लिया गया। गोपीगंज कोतवाली में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वर्ष 2023 में दाखिल चार्जशीट में विजय मिश्रा, रामलली मिश्रा और विष्णु मिश्रा के साथ रूपा मिश्रा का नाम भी शामिल किया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को दोषी पाया और शुक्रवार को सजा का एलान किया।
रामलली मिश्रा और रूपा मिश्रा को पहली बार किसी आपराधिक मामले में सजा हुई है। अदालत ने एक दिन पहले, गुरुवार को बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। विजय मिश्रा पहले से ही कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। गुरुवार को ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की एमपी-एमएलए अदालत ने 46 साल पुराने कचहरी हत्याकांड में उन्हें और अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 2020 से विजय मिश्रा जेल में बंद हैं।






