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हर हर महादेव से जय श्रीराम तक…नए साल पर गूंज उठी अयोध्या-काशी, विश्वनाथ धाम में बना एक हफ्ते में 20 लाख भक्तों का रिकॉर्ड

अयोध्या और वाराणसी में नए साल के पहले दिन आस्था का अभूतपूर्व नजारा दिखा, जहां लाखों भक्त सरयू स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। रिकॉर्ड भीड़ के चलते सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाई गईं

अयोध्या/वाराणसी,1 जनवरी 2026:

नए साल के मौके पर आज अयोध्या और वाराणसी में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद देशभर से लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर दर्शन के लिए पहुंचे। अयोध्या में सरयू स्नान, रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में युवाओं ने नए साल की शुरुआत धार्मिक भाव के साथ की। पूरी रामनगरी भजन, शंखनाद और जय श्रीराम के उद्घोष से भक्तिमय बनी रही।

मंगला आरती के बाद खुले बाबा विश्वनाथ के द्वार

उधर वाराणसी में नए साल की सुबह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए बाबा विश्वनाथ के कपाट खोल दिए गए। इसके बाद लाखों भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए पहुंचे। हर हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। गंगा द्वार सहित सभी प्रवेश द्वारों पर भारी भीड़ देखी गई। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों के तहत विशेष दर्शन और स्पर्श दर्शन पर फिलहाल रोक लगाई गई है। Lucknow Mandir 2026 News

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एक हफ्ते में पहुंचे 20 लाख श्रद्धालु

साल 2025 के अंतिम सप्ताह में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए करीब 20 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसे महाकुंभ के बाद अब तक एक सप्ताह में आने वाली सबसे बड़ी भीड़ के रूप में देखा जा रहा है। 25 दिसंबर से ही मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्र के अनुसार बीते तीन दिनों में ही 11 लाख श्रद्धालु देश के अलग अलग हिस्सों से बाबा के दर्शन के लिए काशी आए हैं। रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए धाम क्षेत्र में खोया पाया केंद्र और मेडिकल सुविधाएं सक्रिय कर दी गई हैं।

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भीड़ को देखते हुए बढ़ाई गई सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काशी विश्वनाथ धाम में आमतौर पर चार प्रवेश द्वार होते हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सिल्को गेट को भी खोल दिया गया है। इसके साथ ही भक्तों के सामान की सुरक्षा के लिए निशुल्क लॉकर सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल मंदिर में 3 जनवरी तक केवल झांकी दर्शन की अनुमति है। स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक है और गर्भगृह के सभी द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है। अर्चकों को छोड़कर किसी को भी गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। साथ ही एक महीने तक की सभी आरतियों के टिकट पहले ही फुल हो चुके हैं।

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श्रद्धालुओं से चमका पर्यटन कारोबार

काशी में उमड़ी भारी भीड़ का असर पर्यटन उद्योग पर भी साफ नजर आ रहा है। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के अनुसार लगातार पर्यटकों के आगमन से होटल उद्योग को बड़ी राहत मिली है। वाराणसी के करीब 90 प्रतिशत होटल फुल चल रहे हैं और रोज नई बुकिंग के लिए पूछताछ हो रही है। नाविकों और स्थानीय कारोबारियों में भी उत्साह है। बनारसी साड़ी और अन्य स्थानीय उद्योगों को भी श्रद्धालुओं की इस भीड़ से अच्छा लाभ मिल रहा है। https://thehohalla.com/new-year-new-hopes-crowds-throngs-lucknows-temples/ 

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