लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने 1000 करोड रुपये का यूपी स्टार्टअप फंड बनाया है। इस फंड का उद्देश्य नए और इनोवेटिव आइडिया को कारोबार में बदलने में मदद करना है। अब तक इस फंड से 325 करोड रुपये की राशि स्टार्टअप को सीधे तौर पर मंजूर की जा चुकी है, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिली है।
महिला उद्यमिता में भी आगे यूपी
प्रदेश में इस समय 19 हजार से अधिक स्टार्टअप को केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी से मान्यता मिल चुकी है। इनमें 9600 से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व वाले हैं। यह आंकड़ा बताता है कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं भी आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और स्टार्टअप संस्कृति को नया आयाम दे रही हैं।
स्टार्ट इन यूपी योजना से युवाओं को मंच
राज्य सरकार की स्टार्ट इन यूपी योजना युवाओं और नए उद्यमियों के लिए मजबूत आधार बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। इनमें 900 से अधिक स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। इसके साथ ही 2100 से अधिक स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सहायता दी गई है, जिससे उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप और बिजनेस सपोर्ट मिला है।
सीड कैपिटल और मार्केटिंग से मिली उड़ान
नए स्टार्टअप के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी और बाजार तक पहुंच होती है। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार सीड कैपिटल और मार्केटिंग सहायता उपलब्ध करा रही है। अब तक इस योजना के तहत 376 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन स्टार्टअप के लिए 26.43 करोड रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिससे वे अपने उत्पाद और सेवाओं को बाजार में पहचान दिला सकें।
प्रोटोटाइप और इनक्यूबेटर से मजबूत आधार
सरकार ने नए विचारों को कारोबार में बदलने के लिए प्रोटोटाइप विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत 74 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 3.55 करोड रुपये की राशि मंजूर की गई है। प्रदेश में 76 मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जिन्हें अब तक 14.80 करोड रुपये की सहायता दी जा चुकी है। ये इनक्यूबेटर स्टार्टअप को तकनीकी, प्रबंधन और रणनीतिक सहयोग दे रहे हैं।
भत्ता, इंसेंटिव और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का सहारा
स्टार्टअप की शुरुआती परेशानियों को कम करने के लिए सरकार ने भरण पोषण भत्ता और इंसेंटिव योजनाएं लागू की हैं। अब तक 115 भरण पोषण भत्ता आवेदन स्वीकृत हुए हैं, जिनके लिए 2.46 करोड रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से 97 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। इसके अलावा 566 इंसेंटिव आवेदन स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 32 करोड रुपये की राशि शामिल है। साथ ही प्रदेश में 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी गई है, जिन पर अब तक 27.18 करोड रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यूपी स्टार्टअप फंड से अब तक 48 यूपी आधारित स्टार्टअप को सीधे फंडिंग भी दी जा चुकी है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।






