न्यूज डेस्क, 1 अगस्त 2026:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नोएडा की युवती हाथ जोड़कर अपने बयान के लिए माफी मांगती नजर आ रही है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में युवती कहती है… ‘मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं दोबारा ऐसा नहीं कहूंगी। मुझे अपने किए पर शर्मिंदगी है। मैं किसी से नजर नहीं मिला पा रही हूं। प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए।’
युवती का दावा है कि वह सिर्फ 15 साल की है और अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी। उसके मुताबिक वहां प्रदर्शन के दौरान कई लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और वह भी उनके बहकावे में आकर गलत बातें कह बैठी। हालांकि, इस दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि पुलिस की एफआईआर में उसकी उम्र 25 वर्ष दर्ज बताई गई है।
इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग भी चर्चा का विषय बन गई है। शुक्रवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर देशवासियों, खासकर युवाओं और जेन जी को संबोधित करते हुए कहा था कि जंतर-मंतर पर उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए लेकिन वह इन बच्चों को सजा नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन देना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि यह कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं लेकिन वे इन्हें गुमराह बच्चे मानते हैं और माफ करना चाहते हैं। पीएम के इस संदेश के कुछ घंटे बाद ही युवती का माफी वाला वीडियो सामने आया।
मामले की शुरुआत उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई थी जिसमें प्रदर्शन के दौरान युवती प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करती दिखाई दी थी। इसके बाद गाजियाबाद की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने 30 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि ऐसी भाषा बच्चों और समाज के लिए गलत संदेश देती है तथा सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शालीनता बनी रहनी चाहिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके क्या बोले
उधर, इस कार्रवाई को लेकर भी बहस छिड़ गई है। सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि केवल गाली-गलौज के आधार पर एफआईआर दर्ज करना उचित है या नहीं। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई हो रही है तो सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों पर भी समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इस बीच, युवती के माफी वाले वीडियो और उसकी उम्र को लेकर सामने आए विरोधाभासी दावों ने पूरे मामले को नई चर्चा का विषय बना दिया है।






