योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 23 अप्रैल 2026:
हरिद्वार जिले में बासमती चावल की खेती को नए तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्लस्टर आधारित खेती के जरिए इसे संगठित रूप देने का प्लान तैयार किया गया है। इस पहल के तहत पहले चरण में 100 एकड़ जमीन पर बासमती उत्पादन शुरू होगा, जिसमें 100 किसानों को शामिल किया गया है।
जिले के बहादराबाद और भगवानपुर ब्लॉक में 50-50 एकड़ के दो क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें ग्रामोत्थान परियोजना की महिला लाभार्थी, कृषि विभाग से जुड़े किसान और गुजर समुदाय के लोग शामिल किए गए हैं। पूरी योजना को फॉर्म टू टेबल मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि उत्पादन से लेकर बाजार तक एक मजबूत चेन बन सके।
इसको लेकर विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अगुवाई में स्टेकहोल्डर मीटिंग हुई। इसमें कृषि विभाग, ग्रामोत्थान परियोजना की टीम, देहरादून से आए बासमती विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। बैठक में बासमती धान की खेती के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने किसानों को बासमती की किस्मों, नर्सरी मैनेजमेंट, रोग-कीट नियंत्रण और उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। योजना में पारंपरिक बासमती किस्मों के संरक्षण के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट पर भी काम होगा। मकसद है कि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिले और पूरी वैल्यू चेन मजबूत बने। जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार सक्सेना ने बताया कि क्लस्टर के लिए लाभार्थियों और स्वयं सहायता समूहों का चयन किया जा रहा है। परियोजना के तहत आजीविका बढ़ाने के लिए सहयोग भी दिया जाएगा।






