राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 22 मई 2026:
उत्तराखंड में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हीट वेव (लू) के कारण होने वाले हीट स्ट्रोक से प्रभावी बचाव और मरीजों के त्वरित उपचार के लिए विभाग ने राज्य स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों के लिए विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है जिसके तहत प्रत्येक चिकित्सा इकाई में अनिवार्य रूप से विशेष ‘हीट स्ट्रोक रूम’ स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में उपलब्ध होंगी जीवनरक्षक सुविधाएं
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की सभी चिकित्सालय इकाइयों में विशेष हीट स्ट्रोक रूम तैयार किए जा रहे हैं। इन कक्षों को बनाने का मुख्य उद्देश्य गर्मी से प्रभावित और लू की चपेट में आए मरीजों को बिना किसी देरी के तत्काल प्राथमिक व आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराना है। इन विशेष हीट स्ट्रोक कक्षों में मरीजों की जान बचाने के लिए सभी जरूरी जीवनरक्षक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं जिनमें मुख्य रूप से आइस पैक, आईवी फ्लूइड, ओआरएस घोल, आपातकालीन दवाइयां और गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर की उपलब्धता शामिल है।

डॉक्टरों को दिये विशेष सतर्कता के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी चिकित्सकों, चिकित्साधिकारियों और पैरामेडिकल स्वास्थ्य कर्मियों को हीट स्ट्रोक के उपचार और इसके आपातकालीन प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के इस मौसम में आमजन को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक जागरूकता सामग्री भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोस्टर, पंपलेट और विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को गर्मी और लू से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी जा रही है
महानिदेशक सुनीता टम्टा ने आम जनता से अपील की है कि वे तेज धूप के समय विशेष सावधानी बरतें और खुद को सुरक्षित रखने के लिए अत्यधिक गर्मी में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, हल्के एवं ढीले कपड़े पहनें एवं शरीर में पानी की कमी न होने दें। तबीयत खराब होने पर बिना लापरवाही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।






