लखनऊ, 13 फरवरी 2026:
यूपी में पर्यटन के बढ़ते कदम अब आम परिवारों की आर्थिक तस्वीर बदल रहे हैं। बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) और होमस्टे पॉलिसी-2025 के तहत लोग अपने घरों के खाली कमरों को पर्यटकों को किराये पर देकर नियमित आय अर्जित कर रहे हैं। सरकार की पंजीकरण, प्रशिक्षण और प्रचार जैसी सुविधाओं ने इस पहल को जमीन पर तेजी से उतारा है। इससे ग्रामीण इलाकों में पलायन थम रहा है। बाहर काम कर रहे लोग घर लौटकर होमस्टे के जरिए रोजगार खड़ा कर रहे हैं।
छह महीनों में योजना को जबरदस्त रफ्तार मिली है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक 1700 से अधिक आवेदन होमस्टे पंजीकरण के लिए आए। उनमें से करीब 700 को आधिकारिक प्रमाणपत्र मिल चुका है। दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक यह संख्या महज 150 के आसपास थी जो कुछ ही हफ्तों में लगभग पांच गुना बढ़ गई। अकेले जनवरी महीने में 400 से अधिक होमस्टे प्रमाणित हुए। यह साफ संकेत है कि आम लोग अब पर्यटन को आय का भरोसेमंद जरिया मानने लगे हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक प्रदेश में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी मांग को देखते हुए बीएंडबी योजना के तहत एक लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था का लक्ष्य तय किया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को घर के पास ही रोजगार मिल रहा और आय के नए अवसर बन रहे हैं।
पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि यह योजना आम परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। जिनके पास अतिरिक्त कमरे हैं वे अब उन्हें पर्यटकों को देकर नियमित कमाई कर सकते हैं।
होमस्टे के नियमों के तहत मालिक का घर में रहना जरूरी है और अधिकतम छह कमरे (12 बेड) दिए जा सकते हैं। वहीं बीएंडबी श्रेणी में केयरटेकर की व्यवस्था अनिवार्य होती है। योजना से जुड़े लोगों को बिजली-पानी और हाउस टैक्स में आवासीय दरों का लाभ, पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर प्रचार, मुफ्त प्रशिक्षण, सोलर ऊर्जा से जुड़े प्रोत्साहन और सीसीटीवी जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी मिल रही हैं।







