बाराबंकी, 2 मार्च, 2026 :
बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में चर्चा में रहे ‘दूल्हे के किन्नर होने’ के विवाद का रविवार को लड़की की सहमति के साथ विराम लग गया। शादी के बाद दूल्हे के जेंडर को लेकर उठे विवाद और हंगामे के बीच दोनों पक्ष थाने पहुंचे, जहां पुलिस की मौजूदगी में बातचीत के बाद नवविवाहिता ने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए दोनों ने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार कोठी क्षेत्र के एक गांव में कुछ दिन पूर्व विवाह संपन्न हुआ था। विदाई से पहले दूल्हे के ‘किन्नर’ होने का आरोप लगने पर विवाद खड़ा हो गया और मामला थाने तक पहुंच गया। लड़की पक्ष ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया, जबकि लड़का पक्ष ने आरोपों को खारिज किया। रविवार को थाने में पुलिस ने दोनों बालिगों से अलग-अलग बात की। दुल्हन ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से पति के साथ रहना चाहती है और उसे कोई शिकायत नहीं है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों के बयान दर्ज किए।

दूल्हे के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि को लेकर मेडिकल परीक्षण की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लड़की पक्ष के कुछ लोग मेडिकल जांच की मांग कर रहे हैं और यह भी आरोप लगा रहे कि युवती को बहलाकर सहमति दिलाई गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से साथ रहने का निर्णय ले चुके हैं, ऐसे में प्रशासन का हस्तक्षेप सीमित है।
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें कि 13 फरवरी को जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली लड़की की शादी रामसनेहीघाट क्षेत्र के दिनौना के पूरे गनई गांव निवासी रिशु के साथ धूमधाम से हुई। लेकिन विदाई से ठीक पहले किन्नरों की एक टोली नेग लेने पहुंची। जैसे ही किन्नरों ने दूल्हे को देखा तो उनके होश उड़ गए। दूल्हे और उसके परिवार वालों के चेहरे भी पीले पड़ गए। दुल्हन के चचेरे भाई का कहना है था कि आनन-फानन में दूल्हे के परिजनों ने 23 हजार रुपए किन्नरों के हाथ में रखकर चुप रहने का इशारा किया। शक होने पर जब लड़की वालों ने दूल्हे को चेक करने के लिए कमरे में चलने को कहा, तो उसने इनकार कर दिया। जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। वहीं दूल्हे पक्ष के लोगों ने लड़की पक्ष और किन्नरों के सभी आरोपो को सिरे से खारिज कर दिया था।






