Business

भारतीय बाजार में फिर लौटी रौनक, जानिए कौन से शेयर रहे सबसे मजबूत

आज सेंसेक्स 513 अंक बढ़कर 85,186 पर और निफ्टी 26,052 के पार बंद हुआ। यह बढ़त आईटी शेयरों की मजबूती, घरेलू निवेशकों की खरीदारी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों की वजह से थी।

बिजनेस डेस्क, 19 नवंबर 2025 :

बुधवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सकारात्मक रहा। सुबह से ही ट्रेडिंग सेशन में खरीदारी का रुझान देखने को मिला और दिन के अंत तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर बंद हुए। आईटी शेयरों की मजबूती, घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीद और भारत अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया।

सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार बढ़त

बीएसई सेंसेक्स 513.45 अंक चढ़कर 85,186.47 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 563 अंक तक उछल गया था। वहीं, निफ्टी 142.60 अंक की तेजी के साथ 26,052.65 पर बंद हुआ। यह तेजी बताती है कि बाजार निवेशकों के भरोसे के सहारे फिर से मजबूत मोड में आ चुका है। रुपया भी बुधवार को मजबूत दिखा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की बढ़त के साथ 88.58 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कम कीमतों ने रुपये को सपोर्ट दिया।

कौन से शेयर रहे सबसे मजबूत?

सेंसेक्स की बड़ी आईटी कंपनियों में जोरदार तेजी देखने को मिली। एचसीएल टेक, इंफोसिस और टीसीएस टॉप गेनर्स में रहे। इनके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मा और टाइटन के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिखी। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, मारुति, अडानी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस के शेयर दबाव में रहे और नुकसान के साथ बंद हुए।

भारत अमेरिका ट्रेड डील का कितना पड़ा असर?

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर जल्द अच्छी खबर मिल सकती है। इस उम्मीद ने बाजार की धारणा को मजबूत किया और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

विदेशी बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, शंघाई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में अधिकांश इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी पिछले सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे।

क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट

ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.39 प्रतिशत गिरकर 64.64 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। कम तेल कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत हैं। फॉरेन इन्वेस्टर्स ने मंगलवार को 728 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 6156 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button