बिजनेस डेस्क, 21 जनवरी 2026:
भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिली। जहां सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा गिरकर 82,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 30 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है और यह 25,200 के स्तर पर बना हुआ है। बाजार की शुरुआत से ही दबाव का माहौल देखा गया।
किन शेयरों पर दबाव, कहां रही तेजी?
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 शेयरों में तेजी जबकि 16 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में हल्की मजबूती है, लेकिन मीडिया, रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर के शेयरों में जमकर बिकवाली हो रही है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।

ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख बना हुआ है। कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.26 फीसदी गिरकर 4,873 पर और जापान का निक्केई इंडेक्स 0.56 फीसदी गिरकर 52,693 पर कारोबार कर रहा है। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.13 फीसदी गिरकर 26,453 पर है, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 4,120 पर कारोबार कर रहा है। वहीं मंगलवार को अमेरिका का डाउ जोन्स 1.76 फीसदी गिरकर 48,488 पर बंद हुआ था। नैस्डेक कंपोजिट में 2.39 फीसदी और एसएंडपी 500 में 2.06 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
एफआईआई की बिकवाली, डीआईआई का सहारा
मंगलवार को विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने 2,191 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके मुकाबले घरेलू निवेशकों यानी डीआईआई ने 2,755 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि डीआईआई ने बाजार को संभालते हुए 79,620 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
IPO और गिरावट की बड़ी वजह
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO में निवेश का आज दूसरा दिन है। यह इश्यू 22 जनवरी तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशक को कम से कम 120 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें न्यूनतम निवेश 14,880 रुपये होगा। इस IPO का कुल साइज 1,907 करोड़ रुपये का है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 907 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है।

कल की भारी गिरावट और बाजार पर दबाव की वजह
मंगलवार 20 जनवरी को भी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 1,065 अंक गिरकर 82,180 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 353 अंक टूटकर 25,233 के स्तर पर आ गया था। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर बयानबाजी और तीसरी तिमाही में रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के मुनाफे में आई कमी मानी जा रही है।






