न्यूज डेस्क, 14 मार्च 2026:
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी पड़ने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल अधिभार लगाने का फैसला किया है। कंपनी के अनुसार आज से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 425 रुपये से 2300 रुपये तक का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लिया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक यह नया ईंधन अधिभार 13 मार्च की रात 12 बजे के बाद लागू हो गया है। यानी इस समय के बाद बुक किए गए सभी टिकटों पर यह अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इस फैसले के बाद हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा।
एयरलाइंस के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में ईंधन का बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में लागत बढ़ने के कारण किराए में संशोधन करना जरूरी हो गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि अगर ईंधन की बढ़ी कीमतों का पूरा असर टिकट किराए पर डाला जाता तो किराए में कहीं अधिक बढ़ोतरी करनी पड़ती। इसलिए यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ कम रखने के लिए सीमित फ्यूल अधिभार लगाया गया है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसका सीधा असर विमानन उद्योग की लागत पर पड़ रहा है। इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ाने का फैसला कर चुकी हैं।
इंडिगो देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है। ऐसे में उसके इस फैसले का असर बड़ी संख्या में हवाई यात्रियों पर पड़ सकता है। कंपनी ने कहा है कि वह बाजार की स्थिति और ईंधन कीमतों की लगातार समीक्षा करती रहेगी।






