रायबरेली, 25 फरवरी 2026:
जिले में राजस्व विभाग की लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ऊसर जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में लेखपाल ने तीन ऐसे किसानों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया, जिनकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई है और जांच बैठा दी गई है।
मामला महराजगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां की अटरा ग्राम सभा में 22 जनवरी को शिकायत मिली थी कि गांव की ऊसर भूमि पर कुछ लोगों ने मकान बनाकर कब्जा कर लिया है। इस शिकायत की जांच की जिम्मेदारी क्षेत्रीय लेखपाल अजय पटेल को सौंपी गई थी।
जांच के बाद लेखपाल ने मोहम्मद रफीक, खुर्शीद, शफीक, हसन अली, जाकिर, कुद्दूस और विजय मौर्य के खिलाफ तहसीलदार न्यायालय में रिपोर्ट भेजते हुए अवैध कब्जे का मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति कर दी।
20 फरवरी को सातों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज भी हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता प्रदीप वाजपेयी ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि आरोपियों में शामिल मोहम्मद रफीक की करीब 30 साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि जाकिर और हसन अली का निधन लगभग छह वर्ष पहले हो गया था।
राजस्व अभिलेखों में भी इन लोगों के मृत होने और उनके वारिसों के नाम दर्ज होने की पुष्टि बताई गई है। यह जानकारी सामने आते ही पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने नायब तहसीलदार उमेश चंद्र त्रिपाठी को जांच सौंपी है और रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की बात कही गई है। लेखपाल अजय पटेल का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर न्यायालय में रिपोर्ट भेजी थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि अगर जांच में लापरवाही साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय है।






