Uttar Pradesh

भूसा ही भूसा भरा है… बरेली में शिक्षकों से गोवंशों के लिए सहयोग की अपील पर भड़के अखिलेश, BSA ने दी ये सफाई

सपा प्रमुख ने भाजपा की नैतिकता पर साधा निशाना, बरेली की बीएसए बोलीं- यह आदेश नहीं, गोसेवा और जनभागीदारी का स्वैच्छिक अभियान

लखनऊ/बरेली, 29 मई 2026:

यूपी के बरेली में निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा जुटाने को लेकर शिक्षकों से सहयोग की अपील पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि अध्यापकों को भूसा जुटाने के काम में लगाने से बेहतर होगा कि भाजपा अपनी नैतिकता का भंडार खोल दे, जहां भूसा ही भूसा भरा है और कुछ नहीं।

अखिलेश यादव की इस टिप्पणी के बाद ये मामला राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। वहीं दूसरी ओर बरेली की बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि 22 मई को जारी पत्र को गलत तरीके से आदेश के रूप में पेश किया गया जबकि इसका उद्देश्य केवल निराश्रित गोवंशों के लिए स्वैच्छिक सहयोग और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

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बीएसए ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक, शिक्षामित्र या कर्मचारी पर भूसा दान के लिए कोई दबाव नहीं बनाया गया है। पत्र में अब आंशिक संशोधन करते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सहयोग पूरी तरह स्वेच्छा पर आधारित होगा। डॉ. विनीता ने कहा कि प्रदेश सरकार गो संरक्षण, गोशालाओं के विकास और निराश्रित गोवंशों के पालन-पोषण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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उन्होंने इसे केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और लोककल्याण से जुड़ा अभियान बताया। बीएसए के अनुसार सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस अभियान में समाजसेवियों, किसानों, ग्राम प्रधानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाए ताकि गोवंशों के लिए चारा, आश्रय और देखभाल की स्थायी व्यवस्था विकसित की जा सके।

उन्होंने कहा कि इस पहल को दबाव या प्रशासनिक आदेश के रूप में न देखा जाए। उनके मुताबिक यह संवेदना, संस्कृति और जनसहभागिता पर आधारित अभियान है। इसका उद्देश्य बेसहारा गोवंशों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

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