
कानपुर, 28 अगस्त 2026:
यूपी के कानपुर में रक्षाबंधन के दिन महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर गांव में 18 वर्षीय यशी सविता की पुराने बोरवेल में गिरने से मौत हो गई। घर के आंगन की जमीन अचानक धंसने से करीब 25 फीट गहरे गड्ढे में समाई यशी को निकालने के लिए करीब सात घंटे तक Rescue Operation चला। NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, PAC, पुलिस समेत करीब 60 जवान बचाव में जुटे रहे। यशी को बाहर निकाला गया तो वह अचेत थी। सरसौल CHC में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बाथरूम से निकली, एक कदम रखते ही धंस गई जमीन, घर में सिर्फ बड़ी बहन थी मौजूद
हादसा शुक्रवार सुबह करीब 6:40 बजे हुआ। यशी नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी। जैसे ही उसने आंगन की तरफ कदम बढ़ाया, अचानक जमीन नीचे धंस गई। यशी को संभलने का मौका नहीं मिला। वह आंगन के नीचे मौजूद पुराने बोरवेल में जा गिरी। घटना के समय घर में यशी की बड़ी बहन ऋचा मौजूद थी। उसने यशी को गड्ढे में गिरते देखा तो रस्सी डालकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान मिट्टी फिर खिसक गई। यशी और नीचे चली गई, जिससे उसे ऊपर से देख पाना भी मुश्किल हो गया। ऋचा मदद के लिए घर से बाहर निकली। उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। उस समय माता-पिता घर से करीब 200 मीटर दूर भैंस बांधने गए थे। पड़ोसियों के साथ वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद जाजमऊ से फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई, जो घटनास्थल से करीब 22 किलोमीटर दूर थी। सुबह करीब आठ बजे फायरकर्मी पहुंचे। उन्होंने गड्ढे में उतरकर फावड़े से मिट्टी हटाने की कोशिश की, लेकिन ऊपर से मिट्टी लगातार गिरने लगी। सुरक्षा को देखते हुए यह तरीका रोकना पड़ा।

बरामदा तोड़कर दूसरी तरफ से खोदाई शुरू
इसके बाद JCB मंगाई गई। रेस्क्यू टीम ने यशी के गड्ढे से करीब 10 फीट दूर दूसरी तरफ से खोदाई शुरू की। घर के बरामदे का हिस्सा भी तोड़ा गया, ताकि मशीन को काम करने की जगह मिल सके। सुबह करीब 10 बजे NDRF, SDRF की टीमें भी Rescue Operation में शामिल हो गईं।
30 फीट खोदाई के बाद मिली यशी की लोकेशन
JCB से करीब 20 फीट तक गड्ढा खोदा गया, लेकिन यशी की सही लोकेशन नहीं मिल सकी। इसके बाद प्रशासन ने पोकलैंड मशीन मंगाई। दोपहर करीब 1:50 बजे मशीन मौके पर पहुंची। इसके बाद ज्यादा गहराई तक खोदाई शुरू की गई। पोकलैंड से करीब 10 फीट और खोदाई की गई। करीब 30 फीट तक पहुंचने के बाद 60 जवानों की रेस्क्यू टीम यशी तक पहुंच सकी। दोपहर करीब 2:20 बजे उसे बाहर निकाला गया। वह अचेत थी। NDRF के जवान उसे लेकर तत्काल सरसौल CHC पहुंचे।

डॉक्टर बोले, अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
सरसौल CHC में डॉक्टर ने उसकी जांच की। उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक करीब तीन साल पहले घर बनाते समय आंगन में बोरिंग कराई गई थी। पानी नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। बाद में दूसरी जगह बोरिंग कराई गई। पुरानी बोरिंग के ऊपर फर्श बना दिया गया था।
दिनांक 28.08.2026 को थाना महाराजपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पूर्वा मीर में 16 वर्षीय बालिका के बोरवेल में गिरने की सूचना पर स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस एवं एनडीआरएफ की संयुक्त टीम द्वारा लगभग 07 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बालिका को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों… pic.twitter.com/sJteepPqDu
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) August 28, 2026
बारिश के बाद कमजोर हुई जमीन, लखनऊ से आ रहा था भाई
परिजनों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पुरानी बोरिंग के ऊपर की जमीन कमजोर हो गई थी। इसी वजह से शुक्रवार सुबह फर्श समेत जमीन अचानक धंस गई। इसी हिस्से पर यशी का पैर पड़ा था। यशी अपने परिवार में सबसे छोटी थी। उसके पिता विनोद बंटाई पर खेती करते हैं। मां का नाम रेखा है। बड़ी बहन ऋचा के साथ भाई अमित उर्फ भास्कर भी परिवार में है। अमित लखनऊ में मेडिकल कंपनी में काम करता है। अमित भी लखनऊ से सुबह कानपुर के लिए निकला था।

