
न्यूज डेस्क, 5 जुलाई 2026:
अगर किसी कंपनी में फाइनेंस, अकाउंट्स या पेमेंट से जुड़ा काम WhatsApp के जरिए होता है तो अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। केरल पुलिस ने पूरे देश के कारोबारियों, कंपनियों और संस्थानों के लिए नई Cyber Advisory जारी करते हुए एक खतरनाक WhatsApp Malware Campaign को लेकर चेतावनी दी है।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी सबसे पहले उन ग्राहकों या सप्लायर्स के WhatsApp अकाउंट हैक कर रहे हैं, जिनका किसी कंपनी से नियमित लेनदेन होता है। इसके बाद उन्हीं भरोसेमंद अकाउंट्स से अकाउंट स्टेटमेंट या दूसरे जरूरी दस्तावेज बताकर खतरनाक फाइलें भेजी जा रही हैं।
जांच में सामने आया है कि इन फाइलों में वीबीएस जैसे संदिग्ध एक्सटेंशन होते हैं। जैसे ही कर्मचारी इन्हें खोलता है, कंप्यूटर में Malware इंस्टॉल हो जाता है। इसके बाद हैकर्स सिस्टम का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर सेव पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल, फाइनेंशियल रिकॉर्ड समेत दूसरी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं।
साइबर अपराधी यहीं नहीं रुकते। सिस्टम में घुसने के बाद वे कंपनी के सीनियर अधिकारियों के WhatsApp अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। फिर उन्हीं अकाउंट्स से कर्मचारियों को तत्काल फंड ट्रांसफर या पेमेंट करने के निर्देश भेजे जाते हैं। अधिकारी का अकाउंट होने की वजह से कई बार कर्मचारी बिना जांच किए रकम ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे कंपनियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
केरल पुलिस ने कहा है कि WhatsApp पर मिलने वाली किसी भी फाइल या अकाउंट स्टेटमेंट को खोलने से पहले सीधे भेजने वाले से उसकी पुष्टि जरूर करें। किसी अनजान एक्सटेंशन वाली फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड या रन करने से बचें।
Advisory में यह भी कहा गया है कि केवल WhatsApp मैसेज के आधार पर किसी भी फंड ट्रांसफर या पेमेंट को मंजूरी न दें। अगर किसी डिवाइस में Malware संक्रमण का शक हो तो उसे तुरंत इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें। वाई-फाई बंद कर दें या नेटवर्क केबल हटा दें, फिर साइबर पुलिस से संपर्क करें।
ऑनलाइन Financial Fraud का शिकार होने पर मामले की तुरंत शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है।






