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अभिव्यक्ति की आजादी के लिए कुणाल कामरा ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार, एफआईआर रद्द करने की मांग

मुंबई ,7 अप्रैल 2025

स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का हवाला देते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार की रक्षा की मांग की है। यह मामला 21 अप्रैल को न्यायमूर्ति एसवी कोटवाल और न्यायमूर्ति एसएम मोदक की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

एफआईआर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित राजनीतिक मजाक के कारण दर्ज की गई थी। शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल की शिकायत पर मुंबई के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन ने कामरा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(बी), 353(2) और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में खार पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस द्वारा तीन बार समन भेजे जाने के बावजूद कामरा पेश नहीं हुए।

इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल तक उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वे तमिलनाडु के निवासी हैं और महाराष्ट्र यात्रा के दौरान गिरफ्तारी या शारीरिक नुकसान की आशंका है। कामरा ने 23 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने शो की एक क्लिप साझा की थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हुआ। वीडियो सामने आने के बाद एकनाथ शिंदे के समर्थकों ने उस स्टूडियो में तोड़फोड़ की, जहां शो रिकॉर्ड हुआ था और एफआईआर भी दर्ज कराई गई। कामरा ने कहा कि उनके मजाक को अभिव्यक्ति की आजादी के तहत देखा जाना चाहिए और यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है। अब अदालत तय करेगी कि यह एफआईआर हास्य और आलोचना की सीमा लांघती है या नहीं।

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