Emergency Drill : आग, भूकंप और युद्ध का अलर्ट… ला मार्टिनियर के छात्रों ने सीखे आपदा से बचने के गुर
सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों ने किया हुनर का प्रदर्शन, केमिकल और गैस सिलेंडर की आग बुझाने से लेकर बिना उपकरण स्ट्रेचर बनाने तक का मिला प्रशिक्षण

लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026:
आग लगने पर घबराने के बजाय उससे निपटने का सही तरीका क्या हो, भूकंप के दौरान खुद को सुरक्षित कैसे रखें और युद्ध या आपातकाल में सायरन बजते ही कहां शरण लें? इन सवालों के व्यावहारिक जवाब बुधवार को राजधानी के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर कॉलेज (बॉयज) में विद्यार्थियों को मिले। सिविल डिफेंस लखनऊ कोर की ओर से आयोजित फायर सेफ्टी एवं आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों ने सुरक्षा के उपाय समझने के साथ सीखे गए कौशल का प्रदर्शन भी किया।
चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र की अगुवाई में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आग से बचाव, विभिन्न प्रकार की आग बुझाने, प्राथमिक चिकित्सा, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आपदा के समय सतर्कता बरतने की जानकारी दी गई। कॉलेज के प्रधानाचार्य ग्रे डोमिनिक भी इस मौके पर मौजूद रहे।

केमिकल और गैस सिलेंडर की आग बुझाने का प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान सामान्य आग, केमिकल की आग और गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति से निपटने के तरीके बताए गए। स्टाफ ऑफिसर सुमित साहू ने केमिकल फायर से बचाव का प्रदर्शन किया, जबकि रजत द्विवेदी ने सामान्य आग बुझाने की व्यावहारिक तकनीक समझाई। स्टाफ ऑफिसर राजेंद्र श्रीवास्तव ने गैस सिलेंडर में लगी आग को नियंत्रित करने का जीवंत प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।

रेड अलर्ट बजते ही कहां लें शरण, छात्रों ने समझा
चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए रेड अलर्ट और ग्रीन अलर्ट सायरन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि रेड अलर्ट बजने पर तत्काल सुरक्षित शेल्टर में पहुंचना क्यों जरूरी है। युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में बंकर में शरण लेने के तरीके भी बताए गए। इसके अलावा भूकंप के दौरान बचाव के उपायों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
बिना उपकरण बनाया स्ट्रेचर, घायलों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान
प्रशिक्षण का अहम हिस्सा प्राथमिक चिकित्सा और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास रहा। विद्यार्थियों ने बिना किसी उपकरण के दो अलग-अलग प्रकार के स्ट्रेचर तैयार किए और घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के बाद 16 विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपने सीखे हुए कौशल का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया।

कक्षा नौ और 11 के विद्यार्थियों सहित कॉलेज के अन्य छात्र भी कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानाचार्य ग्रे डोमिनिक ने सिविल डिफेंस की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की बात कही। मॉक ड्रिल में अमरनाथ मिश्र के साथ डिप्टी चीफ वार्डेन गुरुप्रीत सिंह सेठी, स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतुराज रस्तोगी, डीडीडब्ल्यू् हजरगंज आशीष कपूर, सुनील करमचंदानी, यज्ञमणि दीक्षित, हेमंत कौशल, आजाद हफीज, ठाकुर प्रसाद, रोहित जायसवाल, डीडीडब्लू नफीस अहमद, सुनील शुक्ला, माजिद अली, दिलशाद, डीडीडब्लू् मुशीर अहमद, स्टाफ ऑफिसर सुमित साहू, डीडीडब्लू रामगोपाल, नियाज सिद्दीकी, रजत, सुभाष चंद्रा, रतन लाल आदि शामिल हुए।






