लखनऊ, 29 नवंबर 2025 :
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज ज्यादातर जगहों पर Air Quality Index (AQI) सामान्य से थोड़ा ऊपर रहा और हवा मॉडरेट कैटेगरी में रिकॉर्ड की गई। लेकिन लालबाग में स्थिति बेहतर नहीं हुई, यहां AQI 221 रहा, जिसे खराब हवा माना जाता है। इसके अलावा बुलंदशहर में 269, मुजफ्फरनगर में 214, प्रयागराज के झूंसी इलाके में 148 और वाराणसी में 136 AQI दर्ज हुआ। यानी इन शहरों में भी प्रदूषण चिंता का विषय बना हुआ है।
नोएडा-गाजियाबाद की हवा में मामूली सुधार
दिल्ली से लगे जिलों, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में हालात सबसे ज़्यादा खराब बने हुए हैं। पिछले 12 दिनों से यहां हवा में जहरीले कणों का स्तर लगातार बहुत ऊँचा बना हुआ था। AQI कई दिनों तक 400 से 450 के बीच रहा, जिसे सीधे-सीधे बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
आज हल्का सुधार दिखाई दिया और AQI 400 के नीचे आया है, लेकिन हवा अभी भी उस स्तर पर नहीं पहुंची है जहाँ इसे सुरक्षित कहा जा सके।
गाजियाबाद के लोनी में हालात सबसे खराब
गाजियाबाद के लोनी इलाके में आज भी सबसे ज़हरीली हवा दर्ज की गई। सुबह 6 बजे यहां AQI 405 तक पहुंच गया, जो सीधा गंभीर श्रेणी में आता है। इंदिरापुरम में 353 और वसुंधरा में 303 AQI रिकॉर्ड हुआ, जो बहुत खराब हवा की श्रेणी में गिना जाता है।
नोएडा में भी कई सेक्टरों की हालत खराब
नोएडा के कई हिस्सों में हवा अभी भी भारी प्रदूषित है। सेक्टर-125 में AQI 372, सेक्टर-116 में 368 और सेक्टर-1 में 351 तक पहुंच गया। ये सभी रीडिंग्स बताती हैं कि यहां की हवा अभी भी लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर पर बुज़ुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को।
ग्रेटर नोएडा और हापुड़ में थोड़ी कमी
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में आज AQI 351 दर्ज किया गया, जो अभी भी बहुत खराब श्रेणी में है। हापुड़ में भी 306 AQI रिकॉर्ड हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठंडी हवाएं चलने की वजह से थोड़ी सफाई जरूर हुई है,लेकिन हालात अभी स्थिर नहीं हैं। हवा में भारी मात्रा में धूल और धुआं बना हुआ है।
AQI को समझना क्यों ज़रूरी है?
101 से 200 के बीच AQI हो तो इसे चिंताजनक माना जाता है। 201 से 300 के बीच हवा खराब हो जाती है। 301 से 400 के बीच हवा बहुत खराब मानी जाती है। 401 से 500 की रेंज में हवा गंभीर श्रेणी में चली जाती है और सीधा सेहत को नुकसान पहुंचाती है।






