Lucknow में ग्रीन कॉरिडोर को नई रफ्तार : नैमिष नगर तक बनेगा 9.9 किमी का कनेक्टिंग रूट
53 करोड़ रुपये से आईआईएम रोड-घैला पुल से नैमिष नगर तक बनेगी 24 मीटर चौड़ी सड़क, 1673 भूखंडों वाली योजना में विकास कार्य तेज, गांवों में भी होगा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के विस्तार के साथ नैमिष नगर योजना की कनेक्टिविटी बेहतर होने जा रही है। किसान पथ से आईआईएम रोड के बीच आकार ले रहे ग्रीन कॉरिडोर को अब नैमिष नगर से सीधे जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए आईआईएम रोड स्थित घैला पुल से नैमिष नगर तक 9.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर रूट का निर्माण 53 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हो गया है। इस परियोजना से बड़ी आबादी को यातायात के लिए बेहतर मार्ग मिलेगा। नैमिष नगर योजना के विभिन्न सेक्टरों तक पहुंच आसान होगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति परखी। उन्होंने ग्राम पलहरी स्थित साइट ऑफिस में अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क, सीवर, वॉटर लाइन और ड्रेनेज सहित बुनियादी सुविधाओं के कार्यों की समीक्षा की। वर्तमान में 16 निविदाओं के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सभी स्थानों पर काम हो रहा था।

24 मीटर चौड़ी होगी कनेक्टिंग रोड
आईआईएम रोड से मुबारकपुर चौराहे होते हुए नैमिष नगर को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण भी कराया जाएगा। वर्तमान में करीब 10 मीटर चौड़ी इस सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। इसे 24 मीटर चौड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 9.9 किलोमीटर के रूट पर 24 मीटर चौड़ी बंधा रोड और लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा।
1673 भूखंडों वाली योजना में विकास तेज
नैमिष नगर योजना के ब्रह्म खंड और भूमि खंड के फेज-1 व फेज-2 में 1673 भूखंडों के लिए पंजीकरण खोला गया है। इसे देखते हुए एलडीए ने दोनों सेक्टरों में विकास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपाध्यक्ष ने फेज-1 के सभी सेक्टरों में सेक्टोरल रोड का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी कर शुरू कराने और पंजीकरण वाले दोनों सेक्टरों में सड़क निर्माण जल्द पूरा करने को कहा।
गांवों में भी विकसित होंगी सुविधाएं
योजना में शामिल गांवों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। इसके तहत भूमि खंड और ब्रह्म खंड के बीच स्थित सैदापुर और कोडरी भौली गांवों में अवस्थापना संबंधी कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे योजना के आसपास के क्षेत्रों में भी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।






