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40 मिनट में लखनऊ से कानपुर : देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे शुरू, AI से होगी निगरानी

राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने किया लोकार्पण, मंगलवार सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खुलेगा एक्सप्रेसवे, बिना रुके कटेगा टोल, 120 किमी प्रति घंटा होगी अधिकतम रफ्तार

लखनऊ/उन्नाव, 13 जुलाई 2026:

यूपी को सोमवार को आधुनिक सड़क अवसंरचना की बड़ी सौगात मिली। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्नाव में 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद सभी नेता इसी एक्सप्रेसवे से सड़क मार्ग द्वारा लखनऊ पहुंचे और सरोजनीनगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। नेता उन्नाव हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे।

मंगलवार सुबह 8 बजे से यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा समय लगभग ढाई से तीन घंटे से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन की बड़ी बचत होगी। प्रदूषण कम होगा और पुराने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव भी घटेगा।
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यह देश का पहला बैरियर लेस एक्सप्रेसवे है। टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और फास्टैग रीडर बिना वाहन रोके स्वतः टोल काट लेंगे। हालांकि इस सुविधा के लिए यात्रियों को पहले की तुलना में करीब तीन गुना अधिक टोल देना होगा। लखनऊ से कानपुर तक कार का टोल 275 रुपये होगा, जबकि पहले 95 रुपये लगता था। दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

सुरक्षा के लिहाज से भी एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। दुर्घटना होने पर AI आधारित कैमरे तुरंत एनएचएआई कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 21 वैरिएबल मैसेज साइन, 63 पीटीजेड कैमरे, 27 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम, 62 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 6 स्पीड मेजरमेंट रडार और 9 स्टेटिक वे-ब्रिज लगाए गए हैं।
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आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर बने इस एक्सप्रेसवे में 3 इंटरचेंज, 2 फ्लाईओवर, 1 ओवर ब्रिज (ROB), 4 प्रमुख पुल, 25 लघु पुल, 12 व्हीक्युलर अंडरपास, 14 लाइट व्हीक्युलर अंडरपास, 11 पैदल अंडरपास और यात्रियों की सुविधा के लिए 2 रेस्ट एरिया विकसित किए गए हैं। बेहतर जल निकासी के लिए 90 बॉक्स कलवर्ट तथा लगभग 1.47 लाख वर्गमीटर आरएस वॉल का निर्माण भी किया गया है।

इस परियोजना का शिलान्यास 5 जनवरी 2022 को हुआ था। आज (13 जुलाई 2026) इसका लोकार्पण किया गया। यानी लगभग 1,650 दिनों में यह महत्वाकांक्षी परियोजना बनकर तैयार हुई। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को कृषि उत्पाद तेजी से मंडियों तक पहुंचाने, उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के तेज परिवहन तथा आम लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के आसपास वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक इकाइयों, पर्यटन, आवासीय परियोजनाओं और छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा पिछले 31 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'राष्ट्रीय सहारा' जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में फील्ड रिपोर्टिंग और संपादन का लंबा अनुभव प्राप्त किया है। डेढ़ दशक से अधिक समय तक क्राइम और खोजी रिपोर्टिंग करने वाले राकेश जी को यूपी के राजनीतिक व प्रशासनिक परिदृश्य की गहरी समझ है...और पढ़ें

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