
राजकिशोर तिवारी
हरिद्वार, 13 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड में गंभीर मामलों में विचाराधीन किशोरों के लिए प्रदेश का पहला ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ भवन बनने जा रहा है। इसका उद्देश्य किशोरों में सुधार लाना और उनको सुरक्षित वातावरण देना है। इस भवन का महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार के रोशनाबाद में शिलान्यास किया। भवन का निर्माण 555.15 लाख रुपये से होगा।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह समाज के सबसे कमजोर और भटके हुए वर्ग के प्रति कितनी जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों में विचाराधीन किशोरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुधारकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि कई बार 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोर परिस्थितियों, गलत संगति या मार्गदर्शन के अभाव में अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे किशोरों को सजायाफ्ता अपराधियों के साथ रखना उनके भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी सोच के साथ सरकार ने अलग भवन बनाने का निर्णय लिया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस केंद्र को केवल आवासीय भवन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि यहां मनोवैज्ञानिक परामर्श, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। कार्यक्रम में विधायक आदेश चौहान, विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।






