
प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 4 अगस्त 2026:
मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के कसमंडी गांव में स्थित राजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और शिव मंदिर के संरक्षण की मांग अब राजनीतिक स्तर पर भी उठने लगी है। मंगलवार को लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की उठाई मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि कसमंडी स्थित राजा कंसा पासी का किला केवल पासी समाज की पहचान नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सनातन विरासत का भी अहम हिस्सा है। इसमें दावा किया गया कि राजा कंसा पासी ने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, लेकिन उनकी विरासत आज भी उपेक्षा का सामना कर रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल के समय में इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। शासन ने कुछ कदम जरूर उठाए, लेकिन अब तक किले और उससे जुड़े अवशेषों का पुरातात्विक या वैज्ञानिक सर्वे नहीं कराया गया। संरक्षण और विकास के लिए भी कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
दूसरे विधायकों को भी सौंपा गया ज्ञापन
लाखन आर्मी ने इसी मांग को लेकर मोहनलालगंज से विधायक अमरीश रावत और सिधौली से विधायक मनीष रावत को भी ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को सरकार के सामने मजबूती से रखें, ताकि ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में जल्द फैसला हो सके।
ज्ञापन में रखी गईं छह प्रमुख मांगें
संगठन ने विधायकों के माध्यम से सरकार के सामने छह अहम मांगें रखी हैं। इनमें विधानसभा में इस विषय को उठाने, राजा कंसा पासी के किले का तत्काल पुरातात्विक और वैज्ञानिक सर्वे कराने, किले, शिव मंदिर और आसपास मौजूद ऐतिहासिक अवशेषों के संरक्षण व विकास की योजना तैयार करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा किले की जमीन और ऐतिहासिक परिसर की सीमा का राजस्व व पुरातात्विक रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारण कराने, पूरे परिसर को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से सुरक्षित रखने, साथ ही उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर राजा कंसा पासी के योगदान को सरकारी अभिलेखों और इतिहास से जुड़े दस्तावेजों में उचित स्थान देने की भी मांग की गई है।
विधानसभा सत्र पर टिकी निगाहें
लाखन आर्मी का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हैं तो कसमंडी स्थित ऐतिहासिक किले और शिव मंदिर के संरक्षण की दिशा में ठोस पहल हो सकती है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस विरासत के संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाएगी।






