
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत गोमती नदी पर बन रहा बैकुण्ठ धाम ब्रिज जल्द ही शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला है। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा 330 मीटर लंबा और 6 लेन का यह ब्रिज लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को नवंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद निशातगंज से डालीबाग और हजरतगंज की ओर आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें प्रमुख चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। एलडीए के मुताबिक बैकुण्ठ धाम ब्रिज के चालू होने से समतामूलक चौराहे और 1090 चौराहे पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। काम पूरा होते ही ब्रिज को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
1090 पर बनेगा 2.3 किमी का फ्लाईओवर
ग्रीन कॉरिडोर को और सुगम बनाने के लिए 1090 चौराहे से जुड़ी एक बड़ी परियोजना पर भी काम शुरू होने जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि बैकुण्ठ धाम से रिवर फ्रंट और क्रिकेट स्टेडियम के बीच करीब 2.3 किलोमीटर लंबा 4 लेन फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 293 करोड़ रुपये है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यदायी संस्था से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर अगले महीने से फ्लाईओवर का निर्माण शुरू कराया जाए।
ब्रिज से सीधे जुड़ेगा फ्लाईओवर
फ्लाईओवर का निर्माण बैकुण्ठ धाम ब्रिज के एप्रोच प्वाइंट से शुरू कराया जाएगा। भविष्य में इसे सीधे बैकुण्ठ धाम ब्रिज से जोड़ दिया जाएगा। इससे ग्रीन कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही अधिक निर्बाध हो सकेगी। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान एलडीए के मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, पीआईयू प्रभारी एके सिंह सेंगर, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार, मनोज सागर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।






