लखनऊ, 11 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को राज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव एवं राज्य कर आयुक्त कामिनी रतन चौहान व अन्य अधिकारियों ने लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में व्यापारियों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक में व्यापारियों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया कि वे किसी भी कीमत पर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का व्यापार नहीं करेंगे। आम लोगों को भी सुरक्षित मांझे के उपयोग के लिए जागरूक करेंगे।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि शहर के व्यापारी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा नहीं बेच रहे हैं। उनके अनुसार इसकी बिक्री मुख्य रूप से कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के जरिए हो रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में चौक थाने में पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिबंधित मांझे की चरखियां और धागे नष्ट किए थे। भविष्य में इसका व्यापार न करने की शपथ ली थी। शनिवार को भी सभी व्यापारियों ने प्रमुख सचिव की मौजूदगी में इसी संकल्प को दोहराया।
अमरनाथ मिश्र ने कहा कि शहर में फ्लाईओवरों और ऊंचे पुलों की संख्या बढ़ने से मांझा फंसने के कारण हादसों की आशंका भी बढ़ी है। ऐसे में इस समस्या का समाधान समाज और प्रशासन को मिलकर करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर व्यापारी स्वयं फ्लाईओवरों पर तार लगाने जैसे सुरक्षा उपायों में भी सहयोग करेंगे।

व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने मांग की कि यदि किसी व्यापारी के यहां जांच हो तो संबंधित व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए जिससे ईमानदार व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि यदि निर्माण स्तर पर ही प्रतिबंधित मांझे के उत्पादन पर प्रभावी रोक लगा दी जाए तो उसका अवैध कारोबार स्वतः समाप्त हो जाएगा।
प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने कहा कि उन्होंने व्यापार मंडल के पारिवारिक वातावरण और कम समय के नोटिस पर बड़ी संख्या में व्यापारियों की उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि जनसुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान किसी भी व्यापारी, निर्माता या कारीगर का अनावश्यक उत्पीड़न न हो और कानून का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित किया जाए। पुलिस, गृह और पर्यावरण विभाग समन्वय के साथ प्रतिबंधित मांझे के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने व्यापारियों से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित मांझे के उपयोग से ही दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। बैठक में राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी जितेंद्र सिंह चौहान, अनुराग मिश्रा, अनिल विरमानी, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, सुमित गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, सुशील तिवारी, मनजीत सिंह दुआ, कुश मिश्रा, सीपी अग्रवाल, सुरेश कुमार, संजीव अग्रवाल, जगजीत सहित पतंग विक्रेता एवं निर्माता उपस्थित रहे।






