
लखनऊ, 24 जून 2026:
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच के लिए गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। बुधवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है। एसआईटी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतलब Share in Theft यानी चोरी में हिस्सेदारी है।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब मामले में अब तक एफआईआर ही दर्ज नहीं हुई तो जांच किस आधार पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन कर दान और चढ़ावा अर्पित किया है। उनका दावा था कि यदि प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र से औसतन 10 करोड़ रुपये का चढ़ावा भी माना जाए तो यह राशि करीब 800 करोड़ रुपये बैठती है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुप्तदान भी करते हैं लेकिन अब यदि कोई इस पर सवाल उठाएगा तो उसके घर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े मामले में इतना बड़ा भ्रष्टाचार हुआ, सीसीटीवी फुटेज तक गायब हैं और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के नाम के आगे यादव होने के आधार पर उसे उनका रिश्तेदार बताना बेहद घटिया राजनीति है।
इससे पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि एफआईआर के बिना एसआईटी बिना तीर की कमान है। उन्होंने दान में दिए गए ‘कागभुसुंडि’ के कथित रूप से गायब होने की खबर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उनका कहना था कि आरोपियों के फरार होने की आशंका को देखते हुए नेपाल समेत सभी सीमावर्ती बॉर्डर सील कर दिए जाने चाहिए।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इसे बर्बाद कर दिया है। मध्य प्रदेश में कथित जमीन घोटाले के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां सत्ता के दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं, इसलिए ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। भाजपा पर अन्य दलों के सांसदों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान बदलने की मंशा से संख्या जुटा रही है।
उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने पर आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन पर पूरा अधिकार दिया जाएगा। वहीं लखनऊ के अलीगंज हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समय रहते दीवार काट दी जाती तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी और यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी।






