गोंडा, 11 जून 2026:
गोंडा-लखनऊ हाईवे पर एक दर्दनाक हादसे में घायल युवक की मदद के लिए रुके लोग खुद हादसे का शिकार हो गए। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार एसयूवी ने सड़क पार कर रहे लोगों के समूह को कुचल दिया। हादसे में दो सगे भाइयों, चाचा-भतीजे समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे की है। तरहटा गांव निवासी संजय तिवारी (33) करनैलगंज तहसील में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी का काम करते थे। काम खत्म कर घर लौटते समय उनकी बाइक को पीछे से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वह सड़क किनारे गड्ढे में गिर गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
संजय की आवाज सुनकर करुआ गांव निवासी विनय उर्फ सनी सिंह (26) अपनी बाइक रोककर उनकी मदद के लिए पहुंच गए। कुछ ही देर में आसपास के कई ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। इनमें हसन मोहम्मद (40), उनके बेटे तबरेज (20) और परवेज (18), भाई इम्तियाज अली (27), गुलशन (25), उसका भतीजा अंशुमान (10) और पड़ोसी अल्ताफ (32) भी शामिल थे।
सभी लोग घायल संजय तिवारी को सड़क के दूसरी तरफ ले जाकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करनैलगंज की ओर से लखनऊ जा रही तेज रफ्तार महिंद्रा जाइलो अनियंत्रित होकर लोगों के समूह में घुस गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई लोग हवा में उछलकर सड़क किनारे खंती में जा गिरे। कुछ लोग कई मीटर तक घिसटते चले गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
हादसे में संजय तिवारी, हसन मोहम्मद, इम्तियाज अली, गुलशन और 10 वर्षीय अंशुमान की मौत हो गई। अंशुमान को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। अल्ताफ का इलाज लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है, जबकि तबरेज, परवेज और विनय सिंह का इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहे एसयूवी चालक आबिद को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। पुलिस ने वाहन मालिक शोएब और चालक आबिद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतकों में हसन मोहम्मद और इम्तियाज अली सगे भाई थे। दोनों सिलाई का काम कर परिवार चलाते थे। परिवार पहले भी दो भाइयों को खो चुका है। इस हादसे के बाद घर में मातम पसरा है।
हादसे में जान गंवाने वाला गुलशन फोटोग्राफी कर परिवार का खर्च चलाता था। वहीं संजय तिवारी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। अंशुमान के पिता देशराज ने आरोप लगाया कि लखनऊ ले जाते समय बेटे की मौत होने पर एंबुलेंस चालक बीच रास्ते में उन्हें छोड़कर चला गया। बाद में वह निजी वाहन से शव लेकर वापस गोंडा पहुंचे।

घटना की जानकारी मिलते ही अफसरों ने घायलों के इलाज की जानकारी ली और मामले की जांच के निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि हादसे की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देर रात सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार सुबह परिजनों को शव सौंप दिए गए।






