अयोध्या/लखनऊ, 22 मई 2026:
रामनगरी अयोध्या आस्था और धार्मिक पर्यटन के केंद्र के साथ ही जल्द ही फूलों की आधुनिक खेती का भी बड़ा हब बनने जा रही है। योगी सरकार ने अयोध्या के पिरखौली क्षेत्र में प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। तीन हेक्टेयर भूमि पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक केंद्र फूल उत्पादकों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा।
यह परियोजना सीधे तौर पर श्री राम मंदिर की जरूरतों से भी जुड़ी है। राम मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना के लिए भारी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होती है। ऐसे में अब स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले फूल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बाहर से फूल मंगाने की निर्भरता कम होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उप निदेशक उद्यान अनूप कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक यह केंद्र किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से जोड़ने का काम करेगा। यहां डच रोज, गेंदा समेत कई उन्नत और दुर्लभ फूलों की प्रजातियों की खेती कराई जाएगी। किसानों को कीट प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, आधुनिक सिंचाई प्रणाली, विपणन और उत्पादन बढ़ाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
केंद्र में अत्याधुनिक ग्रीनहाउस, सोलर पावर सिस्टम और टिश्यू कल्चर लैब जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। किसान यहां सीधे विशेषज्ञों से सलाह लेकर अपनी आय बढ़ाने के तरीके सीख सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे पारंपरिक खेती पर निर्भर किसानों को नया विकल्प मिलेगा और उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा होगा।
इस परियोजना का सबसे बड़ा असर रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। फूलों की कटाई, पैकेजिंग, परिवहन और मार्केटिंग से जुड़े कार्यों में स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही ड्राई फ्लावर और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा।
योगी सरकार इसे कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। अयोध्या मॉडल की सफलता के बाद मथुरा और वाराणसी में भी ऐसे सेंटर स्थापित करने की योजना है। सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन और कृषि को जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी जा सकती है। पिरखौली का फ्लावर सेंटर आने वाले समय में अयोध्या की पहचान रामनगरी के साथ ही फूलों की नगरी के रूप में भी स्थापित कर सकता है।






