लखनऊ, 22 मई 2026:
यूपी में आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 51 अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों के जरिए आयुष शिक्षा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए छात्रों को इंटरैक्टिव और टेक्नोलॉजी आधारित पढ़ाई का अनुभव मिलेगा।
आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्री वी के मुताबिक सीएम योगी की मंशा आयुष चिकित्सा शिक्षा को समय के अनुरूप तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की है जिससे विद्यार्थी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों का भी लाभ उठा सकें। सरकार का मानना है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था का आधुनिक होना बेहद जरूरी है।

इन स्मार्ट क्लासरूम में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी), ऑडियो-वीडियो सिस्टम, मल्टीमीडिया कंटेंट और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को रियल टाइम इंटरएक्शन, ऑनलाइन अध्ययन और सहयोग आधारित शिक्षण की सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षकों और छात्रों के बीच संवाद भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।
प्रदेश के राज्य होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे।
वहीं आयुर्वेदिक कॉलेज पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में विकसित किए जाएंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। स्मार्ट क्लासरूम के साथ लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) भी लागू किया जाएगा। इसके जरिए अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होंगी। सरकार का मानना है कि यह पहल केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगी। आयुष शिक्षा को रिसर्च, इनोवेशन और डिजिटल स्किल्स से जोड़ते हुए छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगी।






