लखनऊ, 14 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में दशकों पहले विकसित आवासीय योजनाओं का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। सीमित सुविधाओं और पुराने जी प्लस थ्री ढांचे वाले भवनों की जगह अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गगनचुंबी इमारतें खड़ी होंगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए पुरानी योजनाओं के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में हजरतगंज स्थित वजीर हसन रोड, पेपर मिल कॉलोनी और कानपुर रोड योजना के सेक्टर-जी को शामिल किया गया है। इन इलाकों में वर्षों पहले बने मल्टीस्टोरी और डबल स्टोरी भवनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
उपाध्यक्ष के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के तहत शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इसी नीति के अनुरूप इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
हजरतगंज के वजीर हसन रोड पर वर्ष 1988 में बने चार टावरों में 64 फ्लैट्स हैं। इनमें से 60 की रजिस्ट्री हो चुकी है। तीन फ्लैट्स की रजिस्ट्री लंबित है। एक अभी तक आवंटित नहीं हुआ है।
लगभग चार दशक पुराने ये भवन अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। इसके अलावा पार्क और पार्किंग क्षेत्रों में अनाधिकृत कब्जे भी पाए गए हैं। कई फ्लैट्स में मूल आवंटियों के बजाय अन्य लोग रह रहे हैं।
कानपुर रोड योजना के सेक्टर-जी में वर्ष 1990 में बनाए गए करीब 1000 डबल स्टोरी मकानों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। यहां भी बड़ी संख्या में अवैध कब्जे सामने आए हैं। इसी तरह पेपर मिल कॉलोनी के भवनों का सर्वे और तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार होगा।
एलडीए का कहना है कि इन प्राइम लोकेशन वाले क्षेत्रों में बहुमंजिला आधुनिक अपार्टमेंट विकसित किए जाएंगे। इससे अधिक लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही पुराने आवंटियों को नई इमारतों में समायोजित किया जाएगा। इससे उन्हें सुरक्षित और आधुनिक जीवनशैली का लाभ मिल सके।






