लखनऊ, 25 जनवरी 2026:
यूपी दिवस 2026 के तीन दिवसीय समारोह (24–26 जनवरी) की शुरुआत के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना ने सीमाओं को लांघते हुए राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई। उद्घाटन दिवस पर यूपी दिवस का उत्सव न सिर्फ प्रदेश के कोने-कोने में बल्कि देश के अनेक राज्यों और दुनिया के कई देशों में उत्साह के साथ मनाया गया। यह व्यापक आयोजन प्रदेश के प्रवासी समुदाय के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और आधुनिक भारत में प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 24 जनवरी को यूपी दिवस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी विशेष रूप से मनाया गया। मालदीव, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, रूस, मंगोलिया, सिंगापुर, श्रीलंका और म्यांमार सहित करीब 15 देशों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन आयोजनों में प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, फिल्म प्रदर्शन और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, कलात्मक परंपराओं और विकसित होती पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इससे विदेशों में बसे भारतीय समुदायों में गर्व और आत्मीयता की भावना और प्रबल हुई।

यूपी दिवस के अवसर पर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच से भी गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं मिलीं। जापान के ओसाका-कोबे, फ्रांस के सेंट डेनिस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, श्रीलंका के जाफना, यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के लिथुआनिया स्थित भारतीय मिशनों व वाणिज्य दूतावासों द्वारा भेजे गए संदेशों ने प्रदेश की वैश्विक पहचान को नया आयाम दिया। दूतावास स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में क्यूरेटेड प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश को परंपरा और प्रगति के संगम के रूप में दर्शाया गया। रूस और बर्लिन स्थित भारतीय दूतावासों में हुए विशेष आयोजनों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों, कला रूपों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
देश के भीतर भी यूपी दिवस का उत्सव पहले दिन ही लगभग 20 राज्यों में देखने को मिला। दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, तमिलनाडु और गोवा सहित कई राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विकास यात्रा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया।
प्रदेश के भीतर भी उत्साह का माहौल रहा। सिद्धार्थनगर, भदोही, हाथरस, एटा, सोनभद्र, चंदौली, कन्नौज, औरैया, बहराइच, संभल, श्रावस्ती, कानपुर, कुशीनगर, बिजनौर, इटावा, चित्रकूट, गाजीपुर, गोंडा सहित लगभग 30 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय लोक संस्कृति, परंपराओं और विकासात्मक उपलब्धियों को केंद्र में रखा गया।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पहले ही दिन यूपी दिवस का इतने व्यापक स्तर पर मनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के लोग, चाहे वे कहीं भी हों, अपनी जड़ों से गहराई से जुड़े हैं। वहीं अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने इसे राज्य नेतृत्व की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए कहा कि इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित किया है।






