प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 26 अप्रैल 2026:
मलिहाबाद में महाराजा मल्हिया पासी के नाम पर बने स्मृति द्वार को हटाए जाने का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है। विरोध में पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और विधायक जय देवी ने मोहान तिराहे पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक द्वार को दोबारा उसी स्थान पर नहीं लगाया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि मलिहाबाद को बसाने वाले इस महान वीर की स्मृति में स्मृति द्वार को पुनः स्थापित करने तक हमारा यह संकल्प और प्रयास निरंतर जारी रहेगा। यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, गौरव और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। पासी समाज के इतिहास से छेड़छाड़ जानबूझकर की जा रही है और कुछ लोग करा रहे हैं उन्होंने पासी समाज के इतिहास को बचाने के लिए सभी से एकजुटता की अपील की।

विधायक जयदेवी ने कहा कि उनकी निधि से क्षेत्र में 12 स्मृति द्वार बनने थे। इनमें 11 द्वार पहले ही लग चुके हैं, जबकि 12वां द्वार तहसील रोड पर महाराजा मल्हिया पासी की याद में बनाया गया था। आरोप है कि 21 और 22 अप्रैल की रात निर्माण कंपनी ने इसे चुपचाप हटा दिया। बाद में विरोध बढ़ने पर पुलिस ने द्वार को बरामद कर लिया, लेकिन वह अब तक मलिहाबाद थाने के पास वाहनों पर रखा हुआ है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विधायक जय देवी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। उन्होंने अवध गजेटियर का हवाला देते हुए कहा कि मलिहाबाद के संस्थापक के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासन की लापरवाही दिखाता है। धरने को पासी समाज और कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक ढांचे का मामला नहीं, बल्कि इलाके के इतिहास और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।






