
लखनऊ, 17 जुलाई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के ऐशबाग जंक्शन का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मौजूद रहे। उन्होंने भारत की Hydrogen Train परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज रहे या न रहे, पेट्रोल-डीजल मिले या न मिले, भारत में ट्रेनें हाइड्रोजन से चलती रहेंगी।
Hydrogen Train को लेकर दिया बड़ा बयान
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि भारत रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हाइड्रोजन तकनीक रेलवे के लिए नई पहचान बनेगी। इसी दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां चाहे जैसी हों, भारत की ट्रेनें हाइड्रोजन ऊर्जा के सहारे चलती रहेंगी। भारत की तरक्की के साथ यूपी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है।
24.13 करोड़ रुपये से बदला स्टेशन का स्वरूप
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ऐशबाग जंक्शन का 24.13 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है ताकि यात्रियों को पहले से बेहतर अनुभव मिल सके। स्टेशन भवन का नया स्वरूप यात्रियों की सुविधा और बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

यात्रियों को मिली कई नई सुविधाएं
ऐशबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां हर दिन सात हजार से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। स्टेशन पर एक साथ 380 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पीने के पानी के लिए 65 नल लगाए गए हैं, जबकि तीन वाटर कूलर भी लगाए गए हैं। इसके अलावा वेटिंग एरिया में एयर कंडीशनिंग की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रियों को गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी।
रेलवे स्टेशन को बनाया गया आधुनिक
पुनर्विकास के दौरान स्टेशन परिसर को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के साथ स्टेशन की आधारभूत संरचना भी मजबूत की गई है। रेलवे का उद्देश्य छोटे और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों को भी बड़े शहरों के आधुनिक स्टेशनों जैसी सुविधाओं से जोड़ना है।






