Uttar Pradesh

महोबा सूर्य महोत्सव का आगाज…सात रंगों में सजी वीरों की धरती, आल्हा व लोकगीतों से सजी शाम

तारामंडल, पुस्तक मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण, 17 फरवरी तक चलेंगे आयोजन

लखनऊ/महोबा, 11 फरवरी 2026

महोबा की ऐतिहासिक धरती पर बुधवार से महोबा सूर्य महोत्सव का आगाज हो गया। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित यह सात दिवसीय उत्सव 11 से 17 फरवरी तक चलेगा। पूरा महोत्सव सूर्य के सात रंगों की थीम पर आधारित है, जिसे ऊर्जा, वीरता और बुंदेलखंड की विरासत से जोड़ा गया है।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि महोत्सव का मकसद महोबा के प्राचीन रैहेलिया सूर्य मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। साथ ही क्षेत्रीय पर्यटन को नई रफ्तार देना भी लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहर और वीर परंपरा को दुनिया के सामने लाने की दिशा में यह अहम कदम है।

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वैदिक मंत्रों के साथ शुरुआत

महोत्सव की शुरुआत सुबह पांच बजे रैहेलिया सागर तट स्थित सूर्य मंदिर में पूजा और आरती के साथ हुई। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके बाद सूर्य मंदिर से मोदी ग्राउंड तक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें स्थानीय लोग और कलाकार भी शामिल रहे। शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों से शुरू हुई आल्हा गायन, लोकगीत, बुंदेली बैंड मैशअप और भजन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। उमा शंकर सेन, अबोध सोनी समेत कई कलाकारों ने मंच संभाला और बुंदेलखंड की वीरता और लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।

पहली बार लगा तारामंडल

इस बार महोत्सव में तारामंडल प्रदर्शनी खास आकर्षण बनी है। यह 11 से 14 फरवरी तक सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। यहां दूरबीन से ग्रह दर्शन, वीआर अनुभव और सोलर फिल्टर से सूर्य दर्शन की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के लिए प्रवेश मुफ्त है, जबकि अन्य लोगों के लिए 250 रुपये टिकट रखा गया है।

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पुस्तक मेले में जुट रहे छात्र

मोदी ग्राउंड में 11 से 17 फरवरी तक पुस्तक मेला भी लगाया गया है। सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुलने वाले इस मेले में अलग अलग विषयों की किताबें रियायती दर पर मिल रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र और स्थानीय युवा खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

चितेरी कला व रील कंपटीशन में युवाओं का जोश

पर्यटन विभाग की ओर से पारंपरिक चितेरी कला कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जो 12 फरवरी तक चलेगी। फोटोग्राफी और रील निर्माण प्रतियोगिता 16 फरवरी तक जारी रहेगी। टैगलाइन और जिंगल प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां 12 फरवरी तक मांगी गई हैं। युवाओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

इन तारीखों पर होंगे खास कार्यक्रम

14 फरवरी को गोरखगिरी पर्वत पर पर्यटन विभाग का अधिवेशन होगा, जिसमें पर्यटन नीति 2022 और इतिहास पर चर्चा होगी। उसी दिन वीर रस कवि सम्मेलन भी रखा गया है। 15 को पतंग महोत्सव होगा। 16 को इसरो के सहयोग से 40 इसरो स्पेस लैब का उद्घाटन किया जाएगा व 17 फरवरी को पुरस्कार वितरण के साथ महोत्सव का समापन होगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमित अभिजात ने कहा कि यह आयोजन बुंदेली संस्कृति का जीवंत चित्र है। कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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