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9 मौतों के बाद बड़ा फैसला… भरथापुर गांव का होगा पूरा पुनर्वास, इतने परिवारों को मिलेगा पक्का घर

बहराइच के भरथापुर गांव के आपदा प्रभावित 136 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने के लिए योगी सरकार ने योजना को मंजूरी दी है। सेमरहना गांव में पक्के मकान और सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ नई बस्ती बसाई जाएगी

लखनऊ, 29 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश सरकार ने बहराइच जिले के राजस्व ग्राम भरथापुर के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के तहत गुरुवार को कैबिनेट ने गांव को विस्थापित कर 136 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की योजना को मंजूरी दे दी। पुनर्वास के बाद बनने वाली नई बस्ती का नाम मुख्यमंत्री की अनुमति से रखा जाएगा।

नदी और जंगल के बीच फंसा था भरथापुर गांव

भरथापुर गांव की स्थिति बेहद जोखिम भरी रही है। गांव एक तरफ गेरुआ नदी और दूसरी तरफ कौडियाल नदी से घिरा हुआ है। उत्तर दिशा में वन्य जीव क्षेत्र और नेपाल सीमा होने के कारण गांव चारों ओर से संकट में रहा। यहां तक पहुंचने के लिए कोई सडक मार्ग नहीं है और ग्रामीणों को नाव के सहारे ही आना जाना करना पडता था, जिससे हर समय जान का खतरा बना रहता था।

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नाव हादसे के बाद लिया गया अहम फैसला

29 अक्टूबर 2025 को कौडियाल नदी में नाव पलटने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इसके बाद 2 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव का हवाई सर्वेक्षण किया और पीडित परिवारों से मुलाकात की थी। उसी दौरान उन्होंने गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने औपचारिक मुहर लगा दी है।

सेमरहना गांव में बसाई जाएगी नई बस्ती

आपदा प्रभावित परिवारों को ग्राम पंचायत सेमरहना, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) में पुनर्वासित किया जाएगा। इसके लिए करीब 1.70 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग को निशुल्क दी जाएगी। भूमि हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी बहराइच द्वारा पूरी की जाएगी, ताकि पुनर्वास कार्य में किसी तरह की देरी न हो।

हर परिवार को मिलेगा प्लाट और पक्का मकान

पुनर्वास योजना के तहत 136 परिवारों को अलग अलग आवासीय प्लाट दिए जाएंगे। इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान भी उपलब्ध कराए जाएंगे। नई बस्ती में सडक, नाली, सीसी रोड, इंटरलाकिंग टाइल्स, हरित क्षेत्र, एलईडी स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह कार्य लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और जल जीवन मिशन के माध्यम से कराया जाएगा।

वन विभाग के लाभ के साथ मिलेगा पुनर्वास

जो परिवार पहले ही अपना पुराना स्थान खाली कर वन विभाग या अन्य विभागों को भूमि सौंप चुके हैं, उन्हें वन विभाग से मिलने वाले पैकेज के अलावा यह पुनर्वास सुविधा भी दी जाएगी। प्रत्येक परिवार को भूमि आवंटन की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा (मोतीपुर) को सौंपी गई है। सभी बुनियादी सुविधाएं पूरी होने के बाद नई बस्ती को ग्राम पंचायत को सौंप दिया जाएगा।

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